भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने बुधवार को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ की। भारत–यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर सकारात्मक संकेतों और वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले रुझानों के बीच निवेशकों की धारणा स्थिर नजर आई। दिन के कारोबार में चुनिंदा बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि FMCG और ऑटो सेक्टर के कुछ शेयरों पर दबाव बना रहा।
दोपहर 2 बजे तक, निफ्टी 50 इंडेक्स 0.19 प्रतिशत या 48.40 अंकों की बढ़त के साथ 25,223.80 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 0.12 प्रतिशत या 121.91 अंक चढ़कर 81,979.39 पर पहुंच गया। शुरुआती बढ़त के बावजूद निफ्टी 25,250 के अहम स्तर से नीचे बना रहा।
प्रमुख शेयरों की चाल
बीएसई पर कारोबार के दौरान एक्सिस बैंक, इटरनल और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इन शेयरों ने सूचकांक को सहारा दिया। दूसरी ओर, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी और इंफोसिस जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार की तेजी कुछ हद तक सीमित रही।
निवेशकों की नजर खासतौर पर बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों पर बनी हुई है, जबकि आईटी और ऑटो सेक्टर में सतर्कता का माहौल देखा जा रहा है।
ब्रॉडर मार्केट में मजबूती
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक चढ़ गया, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में करीब 0.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। छोटे और मझोले शेयरों में आई इस तेजी से बाजार की चौड़ाई मजबूत होती नजर आई।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में हालिया सत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है, हालांकि इन सेगमेंट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस
सेक्टोरल आधार पर देखा जाए तो निफ्टी प्राइवेट बैंक, रियल्टी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे। इन तीनों सेक्टरों के इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई।
इसके विपरीत, ऑटो और पीएसयू बैंक शेयरों में दबाव बना रहा। FMCG सेक्टर के कुछ प्रमुख शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली, जिसने बाजार की कुल बढ़त को सीमित किया।
एशियाई बाजारों का रुख
एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। आखिरी अपडेट तक जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं, दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.48 प्रतिशत की मजबूती में रहा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स 200 इंडेक्स लगभग सपाट कारोबार करता दिखा, जिसमें हल्का नकारात्मक रुझान रहा।
एशियाई बाजारों की यह चाल वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है।
अमेरिकी बाजारों का हाल
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। एसएंडपी 500 इंडेक्स ने लगातार पांचवें सत्र में रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई दर्ज किया। मेगाकैप कंपनियों के नतीजों को लेकर उम्मीदों के बीच, कुछ कॉरपोरेट नतीजों और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली ने बाजार की धारणा को संतुलित रखा।
एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 6,978.60 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स में 0.91 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
भारतीय बाजारों पर वैश्विक संकेतों का असर सीमित दिखा, और निवेशक आगे के आर्थिक संकेतों तथा कॉरपोरेट घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।