बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (KIA) पर एक गंभीर सुरक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़ा मामला सामने आया है। एयरपोर्ट पर तैनात एक कर्मचारी को दक्षिण कोरिया की एक महिला पर्यटक से कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि कर्मचारी ने सुरक्षा जांच का बहाना बनाकर महिला के साथ अनुचित व्यवहार किया। पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 जनवरी 2026 की है, जब पीड़िता बेंगलुरु से दक्षिण कोरिया के लिए यात्रा करने एयरपोर्ट पहुंची थी।
केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (KIAL) पुलिस के मुताबिक, महिला ने इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली थी और आगे की औपचारिकताओं की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान एयरपोर्ट का एक स्टाफ सदस्य उसके पास पहुंचा और खुद को जांच से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए उसके टिकट और चेक-इन बैगेज की जांच करने की बात कही। महिला को यह सामान्य प्रक्रिया लगी, इसलिए उसने सहयोग किया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कर्मचारी का नाम अफान अहमद है। आरोप है कि टिकट जांच के दौरान उसने महिला को यह कहकर भ्रमित किया कि उसके बैग से “बीपिंग” की आवाज आ रही है और इसकी अलग से जांच जरूरी है। पुलिस बयान के अनुसार, आरोपी ने महिला से कहा कि यदि काउंटर पर विस्तृत जांच की गई तो उसकी फ्लाइट छूट सकती है, जिससे वह घबरा गई।
एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, आरोपी ने महिला को कथित तौर पर एक अलग स्थान पर ले जाने का प्रस्ताव रखा और कहा कि निजी जांच करनी होगी। इसके बाद वह उसे पुरुषों के शौचालय के पास ले गया। पुलिस का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षा जांच के नाम पर की गई, जबकि वास्तव में इसका कोई अधिकृत कारण नहीं था।
शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने जांच के बहाने महिला को अनुचित तरीके से छुआ। आरोप है कि उसने बार-बार महिला के शरीर के संवेदनशील हिस्सों को छुआ और बिना सहमति के पीछे से उसे पकड़कर गले लगाया। यह सब अचानक होने के कारण महिला घबरा गई और उसने विरोध किया।
पीड़िता के अनुसार, जब उसने आरोपी की हरकतों पर आपत्ति जताई और खुद को छुड़ाने की कोशिश की, तो आरोपी ने सिर्फ “ओके, थैंक यू” कहा और वहां से चला गया। इस घटना के बाद महिला ने बिना देर किए एयरपोर्ट पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी।
एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारियों ने शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की। आरोपी को मौके पर ही रोका गया और केआईएएल एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की गई और एयरपोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में महिला द्वारा बताए गए घटनाक्रम की पुष्टि होती है। फुटेज में आरोपी का महिला को एक तरफ ले जाना और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होना दिखाई देता है। इस डिजिटल साक्ष्य के आधार पर पुलिस को आरोपों की पुष्टि करने में मदद मिली।
केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा यौन उत्पीड़न से संबंधित अपराधों से जुड़ी है। पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी की तैनाती किस विभाग में थी और क्या उसे यात्रियों की जांच करने का अधिकार था या नहीं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इससे पहले भी उसने इस तरह की हरकतें तो नहीं की थीं।
इस घटना ने एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हवाई अड्डा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे में जांच के नाम पर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आना बेहद चिंताजनक माना जा रहा है।
एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से भी मामले को गंभीरता से लेने की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी कर्मचारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया है और आंतरिक जांच भी शुरू की गई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देशभर में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। खासतौर पर विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों में भारत की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हो सकती है। इसलिए कानून एजेंसियां इस केस में तेजी से और सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं।
आरोपी पुलिस हिरासत में है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी सबूतों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की जाएगी और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़िता को हर संभव कानूनी और सुरक्षा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।