लोकसभा में बीते दिन एक बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। दागी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को हटाने से जुड़ा एक अहम बिल सदन में पेश किया गया। इस दौरान विपक्षी दलों ने जमकर विरोध किया। संसद के भीतर नारेबाजी, बिल की कॉपियां फाड़ने और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि सदन की कार्यवाही को बीच में ही स्थगित करना पड़ा।
विपक्षी हंगामे से थमी कार्यवाही
जैसे ही गृहमंत्री अमित शाह ने बिल पेश किया, विपक्षी सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कई सांसदों ने बिल की कॉपी फाड़ दी और उसे शाह की ओर उछाल दिया। इस दौरान हंगामा इतना बढ़ गया कि स्पीकर को बार-बार शांति की अपील करनी पड़ी।
कंगना रनौत का बड़ा आरोप
इस हंगामे पर सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने मीडिया से बात करते हुए सनसनीखेज बयान दिया। कंगना ने कहा – "जब अमित शाह बिल पेश कर रहे थे, तभी विपक्षी सांसदों ने माइक हटाने की कोशिश की। उन्होंने विधेयक की कॉपी फाड़कर शाह के ऊपर फेंकी। इतना ही नहीं, कुछ सांसद अपने साथ पत्थर भी लेकर आए थे, जिसे उन्होंने कागज़ के साथ शाह के मुंह पर फेंका।" कंगना का यह बयान राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रहा है।
विपक्ष का पलटवार
कंगना रनौत के इस दावे को विपक्षी दलों ने सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि यह सरकार की “सहानुभूति बटोरने की रणनीति” है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि उन्होंने केवल लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया है और पत्थर जैसी बात पूरी तरह निराधार है।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
इस विवाद के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। सत्ता पक्ष ने विपक्ष को संसद की गरिमा गिराने का दोषी ठहराया है, वहीं विपक्ष कह रहा है कि सरकार लोकतंत्र को कुचलने में लगी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में जाता है।
जनता में भी बहस छिड़ी
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ गई है। एक वर्ग कंगना रनौत के दावे को गंभीर मान रहा है और विपक्ष पर हमला कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे “राजनीतिक नाटक” करार दे रहा है। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #ParliamentChaos और #KanganaRanaut ट्रेंड कर रहे हैं।