चुनाव आयोग की तरफ से जारी किये गये प्रेस नोट के मुताबिक, देश की आजादी के बाद 1951 में पहले चुनाव से अब तक के बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मतदाताओं ने इतिहास रच दिया है। जिसमें पहली बार 66.91 प्रतिशत के रिकॉर्ड से मतदाताओं ने मतदान किया। जिसके पहले चरण में 6 नवंबर को 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं, 11 नवंबर को दूसरे चरण के मतदान में 68.76 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके साथ ही सभी 243 विधानसभा क्षेत्र में छिटपुट घटनाओं के बीच शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हो गया। पुरुष मतदाताओं का मतदान 62.8% और महिला मतदाताओं का मतदान 71.6% रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का दावा है कि बंपर वोटिंग के पीछे एनडीए सरकार की ओर से जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत हर परिवार की महिला को 10 हजार रुपये एवं लगभग दो करोड़ परिवार को प्रतिमाह 125 यूनिट बिजली मुफ्त दिया जाना है। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य कारण भी हैं। मतदान कार्य में 1.80 लाख से अधिक जीविका दीदी व महिला कार्यकर्ताओं को पर्दानशीं महिलाओं की पहचान के लिए भी लगाया गया था। मतदान के उपरांत हर बूथ पर उपस्थित चुनाव एजेंट को फार्म-सी दिया गया, जिसमें मतदान से संबंधित सभी सूचनाएं दर्ज हैं। सभी बूथों पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
इस रिकॉर्ड मतदान के मुख्य कारण
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए गए मतदाता जागरूकता अभियान के साथ ही मतदान प्रतिशत बढ़ने के पीछे वैसे तो कई कारण बताए जा रहे हैं। पहला व मुख्य कारण दिवाली एवं छठ में विभिन्न राज्यों में प्रवास करने वाले मतदाताओं के लिए दिवाली एवं छठ पर 13 हजार से अधिक ट्रेनें चलाने एवं आए हुए लोगों का मतदान के लिए रुकना है। दूसरा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (एसआइआर) के अतिरिक्त राजनीतिक दलों की ओर मतदाताओं को दिए गए लाभ एवं घोषणा वगैरह सम्मिलित है। फिलहाल, सभी उम्मीदवारों की किस्मत और बिहार का भविष्य ईवीएम में सुरक्षित है। जिसकी तस्वीरें 14 नवंबर की शाम तक साफ हो जाएंगी।