नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण तकनीकी सम्मेलन के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक निवेशकों को राज्य में साझेदारी का आमंत्रण दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महाराष्ट्र तेजी से दुनिया के सबसे उन्नत कृषि नवाचार केंद्रों में से एक बनता जा रहा है और यहां निवेश के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र ने कृषि विकास के लिए एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया है, जो खुलापन (openness) और आपसी तालमेल (interoperability) पर आधारित है। इसका मतलब है कि अलग-अलग तकनीकों और संस्थाओं को एक साथ जोड़कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्य में कृषि नवाचार के लिए जरूरी लगभग सभी संसाधन मौजूद हैं जैसे विशाल खेती योग्य भूमि, विविध जलवायु, उच्च स्तर के कृषि विश्वविद्यालय, अत्याधुनिक AI रिसर्च सेंटर और तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम।
फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र में करीब 150 लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है, जो इसे देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल करती है। इसके अलावा, यहां की विविध जलवायु अलग-अलग प्रकार की फसलों के लिए अनुकूल है, जिससे कृषि में प्रयोग और नवाचार की संभावनाएं और बढ़ जाती हैं। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ने निवेश को आसान बनाने के लिए स्पष्ट नियम और “सिंगल विंडो सिस्टम” जैसी सुविधाएं भी लागू की हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने वेंचर कैपिटल फंड्स, इम्पैक्ट निवेशकों, बहुपक्षीय विकास बैंकों, कॉर्पोरेट कंपनियों और सामाजिक संस्थाओं से अपील की कि वे महाराष्ट्र के साथ मिलकर AI आधारित कृषि समाधानों को बड़े स्तर पर विकसित करें। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के तहत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर काम किया जा सकता है, जैसे AI आधारित सलाह देने वाले प्लेटफॉर्म का विस्तार, कृषि उत्पादों की ट्रेसबिलिटी के लिए डिजिटल सिस्टम तैयार करना, एग्रीटेक स्टार्टअप्स में निवेश, किसानों खासतौर पर महिला किसानों के लिए डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में AI आधारित क्षमताओं का निर्माण करना।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो देश कृषि में AI का सफल उपयोग कर लेंगे, वे न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सफल होंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित कर पाएंगे। उन्होंने भारत की ताकतों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के पास बड़ी आबादी, मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है, जो इसे AI के जिम्मेदार और व्यापक उपयोग का एक आदर्श मॉडल बना सकती है। महाराष्ट्र इस दिशा में एक प्रयोगशाला की तरह काम कर रहा है।
फडणवीस ने राज्य की एक महत्वपूर्ण पहल ‘MahaVISTAAR-AI’ का भी उल्लेख किया, जो एक AI आधारित मोबाइल सलाह मंच है। यह प्लेटफॉर्म अब तक लगभग 25 लाख किसानों तक पहुंच चुका है और उन्हें कई तरह की सुविधाएं देता है जैसे फसल प्रबंधन से जुड़ी सलाह, कीटों से बचाव के लिए चेतावनी, बाजार से जुड़ी जानकारी और सरकारी योजनाओं तक पहुंच। यह सेवा कई भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा पा रहे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने एक और बड़ी योजना की घोषणा की, जिसके तहत महाराष्ट्र एक राज्यव्यापी कृषि डेटा एक्सचेंज तैयार करेगा। यह सिस्टम ओपन स्टैंडर्ड और मजबूत निगरानी व्यवस्था पर आधारित होगा, ताकि किसानों के डेटा का सुरक्षित और सही उपयोग हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना है, न कि उनके डेटा का गलत फायदा उठाना।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को यह संदेश दिया कि महाराष्ट्र में कृषि और तकनीक के संगम से बड़े स्तर पर परिवर्तन लाने की क्षमता है। सही साझेदारी और निवेश के जरिए न केवल राज्य, बल्कि देश और दुनिया के कृषि क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।