प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 जनवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे नई दिल्ली के संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रमंडल देशों के लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री सम्मेलन को संबोधित करते हुए वैश्विक लोकतंत्र, संसदीय मूल्यों और आधुनिक संसदीय चुनौतियों पर भारत के दृष्टिकोण को साझा करेंगे। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है और इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे।
सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से आए 42 राष्ट्रमंडल देशों के साथ-साथ 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के कुल 61 लोकसभा अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे, जिससे यह आयोजन संसदीय सहयोग और संवाद का एक प्रमुख वैश्विक मंच बन जाएगा। सम्मेलन के दौरान समकालीन संसदीय विषयों की व्यापक श्रृंखला पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इनमें मजबूत और प्रभावी लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखने में लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका, संसद के कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीकों के बढ़ते उपयोग, सांसदों के कामकाज और सार्वजनिक छवि पर सोशल मीडिया के प्रभाव, संसद की प्रक्रियाओं और निर्णयों के प्रति आम नागरिकों की समझ बढ़ाने के लिए नवीन और रचनात्मक रणनीतियां, तथा केवल मतदान तक सीमित न रहकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों की व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।
यह सम्मेलन न केवल राष्ट्रमंडल देशों के बीच संसदीय अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में संसदों की भूमिका को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने पर भी साझा सोच विकसित करेगा। भारत के लिए यह आयोजन लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद और अंतरराष्ट्रीय संसदीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।