प्रयागराज में लापता हुई छात्रा साक्षी का मामला बुधवार को उस समय एक क्रूर मोड़ पर पहुँच गया जब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक सुनसान बगीचे में खुदाई कर उसका शव बरामद किया। साक्षी कुछ दिनों से लापता थी और परिवार उसकी तलाश में लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगा रहा था। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने छात्रा की कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए जिनसे जांच एक संदिग्ध व्यक्ति तक पहुँची।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि साक्षी के साथ आखिरी बार जिस व्यक्ति को देखा गया वह दीपक नाम का युवक है, जो सेना से संबंधित बताया जाता है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोप है कि दीपक ने साक्षी को किसी बहाने से शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक बगीचे में बुलाया। वहाँ उसने पहले छात्रा को धमकाया और फिर योजनाबद्ध तरीके से उसकी हत्या कर दी। बाद में उसने शव को एक गड्ढे में दबाकर घटना को छिपाने की कोशिश की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है और उसके बयान के बाद ही टीम उस स्थान तक पहुँची जहाँ शव को छिपाया गया था। मौके से बरामद वस्तुओं और फोरेंसिक जांच के लिए जुटाए गए सबूतों को पुलिस ने रिकॉर्ड में शामिल कर लिया है।
साक्षी की मौत ने पूरे इलाके में गुस्सा और शोक की लहर पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों। पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर चुकी है जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
साक्षी के परिवार ने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उनकी बेटी को धोखे से मारने वाले को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए, ताकि किसी और परिवार को ऐसी यातना से न गुजरना पड़े।