नई दिल्ली। भारत में किसान अपनी मेहनत और पसीने से खेतों में अनाज उगाते हैं, लेकिन मौसम और प्राकृतिक आपदाएं कई बार उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। सूखा, बाढ़, कीट या तूफान जैसी आपदाएं पलक झपकते ही फसल को चौपट कर देती हैं। किसानों की इन्हीं मुश्किलों को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana – PMFBY) शुरू की थी। इस योजना के तहत किसानों को फसल के नुकसान पर बीमा का लाभ दिया जाता है।
खरीफ सीजन 2025 के लिए अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2025 तय की गई है। किसान बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या आधिकारिक पोर्टल www.pmfby.gov.in के माध्यम से आसानी से पंजीकरण कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और अनिश्चित मौसम से सुरक्षा देना है। इस योजना से किसानों को यह भरोसा मिलता है कि उनकी मेहनत अगर बर्बाद हो भी जाती है, तो उन्हें आर्थिक नुकसान की भरपाई मिलेगी। योजना का लक्ष्य केवल बीमा कवर ही नहीं, बल्कि किसानों की आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ाना भी है।
खरीफ 2025 सीजन की अंतिम तारीख
अधिसूचित खरीफ फसलों के लिए बीमा पंजीकरण की अंतिम तारीख: 31 अगस्त 2025 है। इस तारीख तक पंजीकरण नहीं कराने वाले किसान योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
ऐसे करें पंजीकरण
किसान तीन तरीकों से फसल बीमा करा सकते हैं –
- बैंक के माध्यम से – नजदीकी बैंक शाखा जाकर पंजीकरण।
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) – गांव-गांव में उपलब्ध CSC से आवेदन।
- ऑनलाइन पोर्टल – www.pmfby.gov.in पर खुद से पंजीकरण।
- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान है और किसान घर बैठे ही अपने दस्तावेज अपलोड कर बीमा करा सकते हैं।
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत
फसल बीमा कराने के लिए किसानों को निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे:
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- भूमि के कागजात या पट्टा
- बोई गई फसल की जानकारी
बीमा प्रीमियम
सरकार ने बीमा प्रीमियम बहुत ही कम रखा है ताकि हर किसान इसका लाभ ले सके।
- खरीफ फसलों पर केवल 2% प्रीमियम
- रबी फसलों पर 1.5% प्रीमियम
- व्यावसायिक और बागवानी फसलों पर 5% प्रीमियम
- बाकी राशि केंद्र और राज्य सरकारें वहन करती हैं।
योजना से मिलने वाले लाभ
- प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर मुआवजा।
- किसानों को आर्थिक सुरक्षा।
- आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी किसान।
- खेती में निवेश का डर कम।
- परिवार की आजीविका सुरक्षित।
अब तक की उपलब्धियां
2016 में शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाखों किसानों को लाभ मिला है। करोड़ों हेक्टेयर भूमि पर फसलें बीमित हुईं। लाखों किसानों को अब तक मुआवजा राशि मिली। योजना के कारण खेती में जोखिम कम हुआ और किसान आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित हुए।
विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना ने किसानों को बड़ी राहत दी है। उनका कहना है कि यदि किसानों को समय पर बीमा का लाभ मिलता रहे तो वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं और खेती को घाटे का सौदा नहीं मानेंगे।
पंजीकरण की अंतिम घड़ी
अब जबकि अंतिम तारीख नजदीक है, सरकार और कृषि विभाग किसानों से अपील कर रहे हैं कि वे समय रहते बीमा पंजीकरण कराएं।