प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जापान दौरा: निवेश और साझेदारी पर गहन चर्चा

मोदी का जापान मिशन: निवेश, साझेदारी और सांस्कृतिक बंधन को नई उड़ान

Vin News Network
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टोक्यो में मोदी का स्वागत – निवेश और साझेदारी की नई सुबह
Highlights
  • पीएम मोदी दो दिवसीय जापान यात्रा पर पहुंचे।
  • टोक्यो में भव्य स्वागत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन।
  • भारतीय समुदाय से मिले, योगदान की सराहना की।

टोक्यो/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय जापान यात्रा पर पहुंच गए हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-जापान के बीच निवेश, व्यापार और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री का जापान की राजधानी टोक्यो में भव्य स्वागत हुआ, जहां स्थानीय कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से प्रधानमंत्री और भारतीय प्रतिनिधिमंडल को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मोदी इस दौरान 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे।

भारतीय समुदाय से जुड़े पीएम मोदी
टोक्यो पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय जिस प्रकार जापानी समाज में योगदान कर रहा है और साथ ही अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी संजोए हुए है, वह वाकई प्रशंसनीय है। सोशल मीडिया पर पीएम मोदी ने लिखा – “टोक्यो में भारतीय समुदाय के स्नेह और गर्मजोशी से अभिभूत हूं। जापानी समाज में सार्थक योगदान देते हुए हमारी सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित करने की उनकी प्रतिबद्धता वास्तव में सराहनीय है।”

निवेश और व्यापार पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ किया कि इस यात्रा का मुख्य फोकस भारत-जापान व्यापार और निवेश संबंधों को और गहरा करना है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में वे जापानी व्यापारिक नेताओं के साथ बैठकों की श्रृंखला करेंगे, जिसमें विशेष रूप से इन क्षेत्रों पर चर्चा होगी:

टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर

  • हरित ऊर्जा (Green Energy)
  • इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
  • स्टार्टअप और इनोवेशन सहयोग
  • रक्षा और सुरक्षा साझेदारी

भारत-जापान रिश्तों का महत्व

भारत और जापान दशकों से रणनीतिक साझेदार रहे हैं। जापान भारत में सबसे बड़े निवेशकों में से एक है। मेट्रो प्रोजेक्ट, बुलेट ट्रेन और विभिन्न औद्योगिक कॉरिडोर में जापान का सहयोग पहले से ही उल्लेखनीय है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी की यह यात्रा भारत-जापान संबंधों को नए युग में प्रवेश कराने वाली साबित होगी, क्योंकि दोनों देश चीन के प्रभाव को संतुलित करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए साझेदारी को मजबूत करना चाहते हैं।

सांस्कृतिक कूटनीति की झलक
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में जापानी कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुत किया। इस दौरान भारतीय प्रवासियों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए। इसने भारत-जापान की सांस्कृतिक कूटनीति को और मजबूत किया।

पीएम मोदी और शिगेरु इशिबा की मुलाकात
शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से मुलाकात करेंगे। इसमें कई अहम समझौते होने की संभावना है, जिनमें:

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की प्रगति

  • डिफेंस टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल कोलैबोरेशन
  • शिक्षा और रिसर्च में सहयोग
  • जापान में भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए अवसर

भारत-जापान साझेदारी का भविष्य
दोनों देशों का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक व्यापारिक साझेदारी को दोगुना किया जाए। जापान भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देखता है, वहीं भारत जापान से तकनीकी और निवेश सहयोग की उम्मीद रखता है। मोदी ने कहा – “यह यात्रा मौजूदा साझेदारियों को और गहरा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर प्रदान करेगी।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा न केवल निवेश और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करेगी बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, रणनीतिक और तकनीकी संबंधों को भी नए आयाम देगी।

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