दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में हुए ट्रिपल मर्डर केस की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी बाबा कमरुद्दीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उसने अब तक आठ हत्याओं की बात कबूल की है। पुलिस का कहना है कि इन आठ में से छह मामलों के पुख्ता सबूत मिल चुके हैं, जबकि बाकी दो मामलों की जांच अभी जारी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आरोपी के बारे में नए और हैरान करने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं।
पुलिस को घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज भी मिली है, जिसमें बाबा कमरुद्दीन को उसी गाड़ी में देखा गया था जिसका इस्तेमाल वारदात में हुआ। जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिलने से लगभग आधा घंटा पहले वह कार से उतरकर फरार हो गया था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि लक्ष्मी नाम की एक महिला ने शिव नरेश को बाबा के घर की लोकेशन भेजी थी। इसी लोकेशन के आधार पर पुलिस रात में आरोपी के घर तक पहुंची।
जब पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंची, तो उसने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। उसने बहाना बनाया कि उसके बच्चे बीमार हैं और वह बाहर नहीं आ सकता। लेकिन कुछ ही देर बाद उसने 17 फीट ऊंची दीवार फांदकर भागने की कोशिश की। पुलिस पहले से सतर्क थी और उसने पीछा कर उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई, जिसमें कई सनसनीखेज बातें सामने आईं।
जांच में लक्ष्मी के मोबाइल फोन से कई लड़कियों की तस्वीरें मिलीं। इन तस्वीरों में वे तंत्र-मंत्र और अलग-अलग यंत्रों के साथ दिखाई दे रही थीं। पुलिस को ऐसे कई लोग मिले हैं जिन्होंने इलाज और तंत्र-मंत्र के नाम पर बाबा को बड़ी रकम दी थी। आरोप है कि वह लड़कियों और महिलाओं को यह कहकर बहकाता था कि उन पर जिन्न आएगा और उनसे संबंध बनाने के बाद उनके जीवन में धन की वर्षा होगी। इसी झांसे में कई लोग उसके संपर्क में आए। पुलिस को शक है कि आरोपी ने कई महिलाओं का शोषण भी किया हो सकता है और अब ऐसे संभावित पीड़ितों की तलाश की जा रही है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हत्या के लिए बेहद खतरनाक तरीका अपनाया जाता था। पुलिस के अनुसार, सल्फास और नींद की गोलियां लड्डुओं में मिलाई जाती थीं और साथ में कोल्ड ड्रिंक दी जाती थी। यह जहरीला मिश्रण इतना घातक था कि पीड़ित गाड़ी से बाहर निकलने की हालत में भी नहीं रहते थे। पुलिस का कहना है कि रणधीर, लक्ष्मी और शिव नरेश हत्या से एक दिन पहले भी बाबा के पास गए थे, लेकिन उस दिन वे दो लाख रुपये नहीं ले गए थे। इसी कारण उन्हें वापस भेज दिया गया और बाद में पूरी साजिश रची गई।
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि बाबा एक मीटिंग के लिए करीब सात हजार रुपये तक वसूलता था। उसके यहां हमेशा भीड़ लगी रहती थी और वह इलाज के नाम पर लोगों को धोखा देता था। एक मामले में उसने दावा किया था कि उसने एक व्यक्ति के पेट से किडनी स्टोन निकाला है और खून भी दिखाया था। बाद में जांच में पता चला कि वह खून नहीं बल्कि हाथों पर लगाया गया सिंदूर था। पुलिस ने उसके घर से सिंदूर भी बरामद किया है।
जांच में यह भी सामने आया कि जब बाबा तंत्र-मंत्र की प्रक्रिया करता था, तो लोगों के मोबाइल फोन फ्लाइट मोड पर करवा देता था ताकि कोई उसकी हरकतों की रिकॉर्डिंग न कर सके। शिव नरेश के पर्स से जिन्न बुलाने का एक कथित मंत्र भी मिला है। इसके अलावा पुलिस को उसकी कई संपत्तियों की जानकारी भी मिली है। अब उसे लोनी स्थित उसके घर ले जाकर आगे की जांच की तैयारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल ट्रिपल मर्डर तक सीमित नहीं है, बल्कि तंत्र-मंत्र की आड़ में चल रहे बड़े ठगी और हत्या के नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।