पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को बड़ी राहत मिली, जब एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। हाल ही में पटना पुलिस ने 1995 के एक पुराने मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। अब इस प्रकरण के साथ-साथ दो अन्य मामलों में भी उन्हें जमानत मिल चुकी है। तीनों मामलों में राहत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। फिलहाल पप्पू यादव पटना की बेउर जेल में बंद हैं।
अदालत के फैसले के बाद उनकी कानूनी टीम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया दी। संदेश में लिखा गया, “सत्यमेव जयते! सभी मुकदमों में जमानत मिल गई है। सांसद पप्पू यादव जी शीघ्र रिहा होंगे। वे न्याय और इंसाफ के लिए हमेशा संघर्ष करते रहेंगे। अन्याय और नाइंसाफी को उन्होंने कभी स्वीकार नहीं किया है और आगे भी नहीं करेंगे।” इस संदेश के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखा गया।
जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव को जमानत पहले भी मिल सकती थी, लेकिन इस बीच पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकियों के कारण न्यायिक कार्यवाही प्रभावित हुई। लगातार कई दिनों तक अदालत परिसर को धमकी भरे ईमेल मिलने से कामकाज बाधित रहा, जिसकी वजह से सुनवाई में देरी हुई।
इस मुद्दे पर पप्पू यादव की ओर से पहले भी सवाल उठाए गए थे। एक संदेश में कहा गया था कि लगातार चार दिनों तक पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिल रही है, जिससे अदालत का कामकाज ठप हो रहा है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया था कि क्या उन्हें जेल में बनाए रखने के लिए किसी तरह की साजिश रची जा रही है। संदेश में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पुलिस प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए गए थे।
उधर, शुक्रवार को भी बिहार के कई जिलों की अदालतों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई है। पूर्णिया और बक्सर समेत कुछ अन्य जिलों के न्यायालय परिसरों को निशाना बनाए जाने की सूचना है। प्रशासन ने इन धमकियों को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
तीनों मामलों में जमानत मिलने के बाद पप्पू यादव की रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही उनके जेल से बाहर आने की संभावना है।