कारगिल विजय दिवस पर पूरे देश ने शहीदों को किया नमन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

"कारगिल के वीरों को नमन – 84 दिनों के शौर्य की अमर गाथा"

Vin News Network
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"कारगिल विजय दिवस: शौर्य, बलिदान और राष्ट्रगौरव का प्रतीक"
Highlights
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने वीर जवानों की बहादुरी को याद किया
  • पीएम मोदी बोले—"शहीदों का जज्बा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा"
  • 26वीं वर्षगांठ पर पूरे देश में श्रद्धांजलि कार्यक्रम

26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को पराजित कर इतिहास रचा। आज, कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर पूरा देश अपने वीर जवानों के बलिदान को याद कर रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम नेताओं और आम जनता ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा— “आज का दिन भारतीय सेना के वीर जवानों की असाधारण वीरता, साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उन वीर सपूतों के बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राण न्यौछावर कर दिए।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा— “कारगिल के रणबांकुरों ने भारत के आत्मसम्मान और अखंडता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका जज्बा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।”

कारगिल युद्ध भारत के साहस और रणनीति की मिसाल माना जाता है। 18 हजार फीट की ऊंचाई पर 84 दिन चले इस युद्ध में भारतीय सेना ने कठिन परिस्थितियों में भी जीत दर्ज की। टाइगर हिल, तोलोलिंग और बटालिक जैसी चोटियों पर भारतीय जवानों ने जो पराक्रम दिखाया, वह भारतीय सैन्य इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज है।

इस मौके पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली स्थित अमर जवान ज्योति से लेकर कारगिल के द्रास युद्ध स्मारक तक हजारों लोग शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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