श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है। श्रीनगर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस समय पूरी दुनिया की नजरें भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिकी हैं। उमर अब्दुल्ला के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल, अमेरिका और ईरान सहित सभी खाड़ी देशों के साथ बेहतरीन व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंध हैं, जिसका इस्तेमाल युद्ध रोकने के लिए किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “वज़ीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) साहब का इन तमाम मुल्कों के साथ जो रसूख है, वह शायद ही किसी और वैश्विक नेता के पास हो। अगर भारत इन रिश्तों का इस्तेमाल करके सीजफायर (युद्धविराम) करवा सके, तो यह पूरी दुनिया के लिए बड़ी राहत की बात होगी।”
‘ईरान को जीतना आसान नहीं, ट्रंप न करें बेवकूफी’
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर जमीनी हमले (Ground Operation) की धमकी दिए जाने के सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि ईरान पर सालों-साल तक किसी ने राज नहीं किया है। सीएम ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “ट्रंप साहब ऐसी बेवकूफी न करें। ईरान को फतह करना इतना आसान नहीं होगा। बेहतर यही है कि इसे यहीं खत्म किया जाए और बातचीत का रास्ता निकाला जाए।”
पाकिस्तान की मध्यस्थता और ‘दलाल देश’ विवाद
जब उमर अब्दुल्ला से पूछा गया कि भारत सरकार के कुछ हलकों में पाकिस्तान की मध्यस्थता को ‘दलाल देश’ की भूमिका बताया जा रहा है, तो उन्होंने बेहद संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं शब्दों की जंग में नहीं पड़ना चाहता। अगर पाकिस्तान के ईरान और अमेरिका के साथ अच्छे रिश्तों की वजह से जंग रुक सकती है, तो हमें उस पर ऐतराज क्यों होना चाहिए? क्या हम चाहते हैं कि जंग चलती रहे?”
उन्होंने आगे कहा कि अगर पाकिस्तान इस स्थिति का फायदा उठा रहा है और कूटनीति कर रहा है, तो भारत को भी पीछे नहीं रहना चाहिए। उमर अब्दुल्ला के मुताबिक, भारत का कद और प्रधानमंत्री मोदी के संबंध इतने मजबूत हैं कि वे किसी भी अन्य देश से बेहतर और प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।