बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक दिन रहा। वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ लगभग 16 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली, जो राज्य की नई सरकार के गठन का प्रतीक है। यह समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित किया गया, जहां समर्थकों और राजनीतिक गणमान्य व्यक्तियों की भारी उपस्थिति रही।
नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण के दौरान कहा कि उनकी प्राथमिकता सभी वर्गों और क्षेत्रों के संतुलित विकास पर रहेगी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य न केवल प्रशासनिक सुधार करना है, बल्कि गरीब और वंचित वर्ग के लिए स्थायी अवसर पैदा करना भी है। नई कैबिनेट में भाजपा के साथ गठबंधन में शामिल अन्य पार्टियों के मंत्रियों को भी शामिल किया गया है। इस बार मंत्रिपरिषद में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। कहा जा रहा है कि सरकार का मुख्य फोकस कृषि सुधार, शिक्षा में नवाचार और रोजगार सृजन होगा।
विशेष रूप से यह ध्यान देने योग्य है कि नीतीश कुमार ने अपने मंत्रियों को जवाबदेही और पारदर्शिता की शपथ भी दिलाई, ताकि सरकार के हर निर्णय में जनता का हित सर्वोपरि रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार की स्थिर नेतृत्व शैली बिहार में राजनीतिक स्थिरता और विकास की नई दिशा दे सकती है।
समारोह के अंत में जनता ने उनकी शपथ ग्रहण की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर उत्साह जताया। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि जनता की अपेक्षाएँ इस बार भी उच्च हैं, और सरकार पर भारी उम्मीदें हैं।