भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया है। नितिन नबीन मंगलवार, 20 जनवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। वह बिना किसी विरोध के निर्वाचित हुए, और अब 45 वर्ष की उम्र में पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष माने जा रहे हैं। नबीन ने यह जिम्मेदारी जगत प्रकाश नड्डा से संभाली, जो जनवरी 2020 से पार्टी के शीर्ष पद पर थे।
पीएम मोदी ने कहा: ‘पार्टी मामलों में नबीन होंगे मेरे बॉस’
नई नियुक्ति के मौके पर पार्टी मुख्यालय, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे। पीएम मोदी ने नबीन को पार्टी मामलों में अपना “बॉस” बताते हुए कहा,
“जब पार्टी के मामलों की बात आती है, माननीय नितिन नबीन जी… मैं एक कार्यकर्ता हूँ और आप मेरे बॉस हैं।”
मोदी ने नबीन के बारे में कहा कि वे एक “मिलेनियल” नेता हैं, जिन्होंने रेडियो से समाचार सुना और अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रयोग में निपुण हैं। उन्होंने कहा कि नबीन में युवा ऊर्जा और अनुभव दोनों हैं।
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर
नबीन बिहार के पांच बार विधायक रह चुके हैं। उनका जन्म 23 मई 1980, झारखंड के रांची में हुआ। वे उच्च जाति के कायस्थ समुदाय से आते हैं, जो बिहार की आबादी का लगभग 1% है।
उनका राजनीतिक सफर 2006 में उनके पिता, स्व. नबीन किशोर सिन्हा के निधन के बाद शुरू हुआ। नबीन ने पटना वेस्ट से उपचुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। उसके बाद वह बैंकिपुर विधानसभा सीट से लगातार चार बार विजयी रहे।
नबीन ने बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री (2021-2022, 2025), शहरी विकास और आवास विभाग और कानून एवं न्याय मंत्रालय के पद संभाले।
संगठन में अनुभव
बीजेपी में नबीन ने विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वह पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार राज्य अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने युवा सशक्तिकरण और राष्ट्रीय एकता यात्रा जैसी अभियानों में भाग लिया।
वह भाजपा के सिक्किम प्रभारी और छत्तीसगढ़ सह-प्रभारी भी रह चुके हैं। नवंबर 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में उनकी रणनीति के चलते भाजपा ने कांग्रेस को हराकर जीत दर्ज की। 2024 में उन्होंने लोकसभा चुनाव में भी छत्तीसगढ़ में पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय नेतृत्व और संभावनाएँ
नबीन की नियुक्ति पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत देती है। उनकी नई जिम्मेदारी बिहार समेत कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता बताते हैं कि
“नितिन नबीन के नेतृत्व में पार्टी न केवल बिहार में अपनी स्थिति मजबूत करेगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी संगठन में बदलाव और विस्तार संभव होगा। भविष्य में, जब भाजपा और JD(U) में सत्ता हस्तांतरण होगा, तो नबीन पार्टी के प्रमुख चेहरे के रूप में उभर सकते हैं।”
चुनौतियाँ
नबीन को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है जब कई राज्यों में चुनाव होने हैं। पश्चिम बंगाल, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और असम में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में भाजपा को चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करना है।
वे तीन साल बाद 2029 के लोकसभा चुनावों में भी पार्टी का नेतृत्व करेंगे, जब भारत में निर्वाचन क्षेत्र पुनर्निर्धारण और संसद व विधानसभा में 33% महिला आरक्षण लागू होने की संभावना है।
नबीन ने अपने कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम का दौरा कर चुनावी भूगोल को समझा। उन्होंने युवाओं और अनुभवी नेताओं को मिलाकर पार्टी का नेतृत्व करने की रणनीति तैयार की है।
नितिन नबीन भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष हैं, जिन्हें पीएम मोदी ने पार्टी मामलों में “बॉस” बताया। उनका संगठनात्मक अनुभव, युवा ऊर्जा और रणनीतिक कौशल भाजपा के लिए पीढ़ीगत बदलाव और राष्ट्रीय विस्तार का संदेश देता है। आगामी चुनावों और नई नीतियों में उनका नेतृत्व पार्टी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।