इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार, 25 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाले रात्रिभोज से पहले एक खास अंदाज़ में उन्हें सरप्राइज दिया। इस मौके पर नेतन्याहू ने पारंपरिक भारतीय परिधान से प्रेरित कपड़े पहनकर अपनी दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्रदर्शित किया। उन्होंने इस खास पल का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया, जो तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो में देखा जा सकता है कि नेतन्याहू ने भारतीय और पश्चिमी परिधान का एक आकर्षक मिश्रण पहना हुआ है। उन्होंने सफेद रंग की फुल स्लीव शर्ट के ऊपर हल्के ग्रे रंग की स्लीवलेस जैकेट पहनी, जो भारतीय नेहरू जैकेट जैसी प्रतीत हो रही थी। इसके साथ उन्होंने गहरे रंग की फॉर्मल पैंट और काले रंग के औपचारिक जूते पहने। उनका यह लुक सादगी, गरिमा और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक नजर आया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने पोस्ट का कैप्शन हिंदी में लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि “हमारे संयुक्त रात्रिभोज से पहले, मैंने अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर चौंका दिया।” इस पहल ने भारत-इजरायल संबंधों की गर्मजोशी को और उजागर किया।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भी इजरायल के दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने यरुशलम में नेसेट (इजरायल की संसद) के विशेष पूर्ण सत्र को संबोधित किया। इसके साथ ही वे इजरायल की संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए। यह ऐतिहासिक क्षण दोनों देशों के संबंधों में एक नई ऊंचाई का प्रतीक माना जा रहा है।
नेसेट पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत वहां के स्पीकर अमीर ओहाना ने किया। उन्हें औपचारिक सम्मान भी प्रदान किया गया। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट’ पदक मिलने पर धन्यवाद दिया। उन्होंने इस सम्मान को भारत और इजरायल के बीच स्थायी मित्रता, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मजबूत संबंधों को समर्पित बताया।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इजरायल के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच प्राचीन सभ्यताओं से जुड़ा गहरा रिश्ता है, जो आज आधुनिक साझेदारी में बदल चुका है। उन्होंने विशेष रूप से टेक्नोलॉजी, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में बढ़ते तालमेल की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि कृषि, जल प्रबंधन, ग्रामीण विकास, स्थिरता और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग ने आम लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में साझेदारी ने न केवल तकनीकी प्रगति को बढ़ावा दिया है, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच विश्वास और सहयोग को भी मजबूत किया है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल दोनों ही आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर दृढ़ता से कायम हैं। उन्होंने 7 अक्टूबर को इजरायल में हुए आतंकी हमले पर गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस प्रकार की क्रूरता और बर्बरता को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने आगे कहा कि भारत क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने इजरायल को भरोसा दिलाया कि इस दिशा में भारत हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
यह दौरा और उससे जुड़े घटनाक्रम भारत और इजरायल के बीच गहराते संबंधों, सांस्कृतिक सम्मान और रणनीतिक साझेदारी का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। नेतन्याहू द्वारा भारतीय परिधान पहनना केवल एक प्रतीकात्मक gesture नहीं था, बल्कि यह दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों और आपसी सम्मान का जीवंत संकेत भी था।