हिमाचल प्रदेश में नशे का बढ़ता प्रचलन एक गंभीर सामाजिक समस्या बनता जा रहा है। हाल ही में सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने इस विषय पर कड़ी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में ड्रग्स, खासकर ‘चिट्टा’ की तस्करी और खपत पर तुरंत कड़ा नियंत्रण नहीं लगाया गया, तो हिमाचल में भी पंजाब जैसी भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
कंगना रनौत ने अपने बयान में कहा— “पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते जो चिट्टा भारत में आता है, वह अब हिमाचल तक पहुंच रहा है। यह हमारे युवाओं को बर्बाद कर रहा है। अगर इस पर जल्द रोक नहीं लगाई गई तो हिमाचल का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।”
उन्होंने प्रशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों से इस पर ठोस कदम उठाने की अपील की। कंगना ने कहा कि यह केवल कानून व्यवस्था का नहीं बल्कि समाज और परिवारों के अस्तित्व का भी सवाल है।
ड्रग नेटवर्क पर बढ़ी नजर
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां पहले ही इस बात को लेकर अलर्ट हैं कि पंजाब के बॉर्डर से आने वाला नशा अब हिमाचल की सीमाओं तक फैल रहा है। हाल के महीनों में कई जिलों से बड़ी मात्रा में चिट्टा पकड़ा गया है।
युवाओं पर पड़ रहा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रग्स के इस फैलाव का सबसे ज्यादा असर किशोरों और युवाओं पर हो रहा है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों में नशे की लत के मामले तेजी से बढ़े हैं।
सरकार पर दबाव
कंगना के बयान के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार पर दबाव बनाया है कि इस पर तुरंत सख्त एक्शन प्लान लागू किया जाए।