नई दिल्ली- संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस महत्वपूर्ण सत्र को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह से तैयार है। सत्र से पहले शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई जिसमें सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया। बैठक में जहां सरकार ने सहयोग की अपील की, वहीं विपक्ष ने कई संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को घेरने का ऐलान किया है।
विपक्ष हमलावर मूड में
विपक्ष ने संसद में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले, हालिया ऑपरेशन सिंदूर, वोटर लिस्ट में सुधार, और वक्फ संशोधन बिल को लेकर बहस की मांग की है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी जैसे दलों ने इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति बनाई है।
सरकार का एजेंडा
सरकार इस सत्र में वक्फ संशोधन विधेयक, यूसीसी (समान नागरिक संहिता) पर चर्चा, डिजिटल डेटा संरक्षण बिल, और महिला आरक्षण बिल पर प्रगति रिपोर्ट जैसी अहम योजनाओं को आगे बढ़ाना चाहती है।
संसद भवन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नई संसद भवन में मानसून सत्र के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। खासतौर से हालिया आतंकी घटनाओं को देखते हुए संसदीय क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत किया गया है।