सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती एलपीजी किल्लत और ऊर्जा संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यूपी में अब एलपीजी का मतलब “लापता गैस” बन गया है। गैस की कमी के चलते लोग खाना बनाने के लिए चूल्हा और कोयले पर निर्भर हो रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने लोगों को लंबी लाइनों में खड़ा करने के अलावा कुछ नहीं किया, और अब पेट्रोल के लिए भी लोग कतारों में लगे हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि 14 किलो का सिलेंडर अब 10 किलो का मिल रहा है, लेकिन मांग उससे भी ज्यादा है। उन्होंने योगी सरकार के दावों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में गैस की कोई कमी नहीं है, यह सिर्फ़ “चलाचली की बेला” है। इसके अलावा, उन्होंने शंकराचार्य के अपमान का भी आरोप लगाया और जनता को सतर्क रहने की सलाह दी।
अखिलेश यादव ने गोमती रिवर फ्रंट पर सम्राट अशोक की भव्य प्रतिमा लगाने का ऐलान भी किया। उनका कहना है कि सपा सरकार आने पर अशोक को सोने के सिंहासन पर प्रतिष्ठित किया जाएगा, क्योंकि उन्होंने बौद्ध धर्म को देश-विदेश में फैलाया। सपा नेता ने यूपी सरकार के निवेश दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एमओयू के मामले में प्रदेश सरकार की पोल खुल गई है, क्योंकि कंपनियों का फाइनेंशियल बैकग्राउंड संदिग्ध है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार में मंत्री और अधिकारी खुद को प्रोपेगेंडा मिनिस्टर समझते हैं और केवल दिखावा करते हैं।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा इसका इस्तेमाल सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि सपा की सरकार आने पर स्त्री सम्मान समृद्धि योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत हर महिला को सालाना 40,000 रुपये दिए जाएंगे। अखिलेश ने कहा कि भारत ने अमेरिका, इजराइल और ईरान के युद्ध में विश्वगुरू बनने का मौका खो दिया। व्यापार और कूटनीति के संतुलन के बिना देश को वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर गंवाना पड़ा है। इस पूरे बयान से यह साफ है कि सपा एलपीजी संकट, महिला आरक्षण और निवेश घोटाले जैसे मुद्दों को लेकर आगामी चुनाव में भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।