भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने नॉर्वे के फोर्डे में हुए विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप में शानदार वापसी करते हुए महिला 48 किग्रा वर्ग में कुल 199 किग्रा (84 किग्रा स्नैच + 115 किग्रा क्लीन एण्ड जर्क) उठाकर रजत पदक जीता। चोटों और मुश्किल दौर के बावजूद उनका यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वह विश्व स्तर पर भारतीय उम्मीदों की नज़र में अब भी शीर्ष पर हैं और पेरिस ओलंपिक 2028 की तैयारी के लिए यह बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
चानू का स्नैच में अभियान कामयाब नहीं रहा 87 किग्रा के दो प्रयास विफल रहे जबकि तीसरे में उन्होंने 84 किग्रा सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने दमदार वापसी की और 109, 112 व 115 किग्रा के सफल प्रयास कर प्रतियोगिता में असरदार प्रदर्शन किया। यही 115 किग्रा का भार उन्हें टोक्यो ओलंपिक में भी याद दिलाता है तब भी उन्होंने इसी वजन से भारत को रजत दिलाया था।
भारतीय टीम के मुख्य कोच विजय शर्मा का लक्ष्य चानू को 200 किग्रा की सीमा पार कराना था इस बार वह 199 किग्रा पर रुक गईं, पर यह क़रीबी दिखाती है कि आगे और बेहतर परिणाम संभव हैं। चानू के लिए यह विश्व चैंपियनशिप का तिसरा पदक भी है 2017 में वे विजेता रही थीं और 2022 में भी रजत ले चुकी हैं।
इस इवेंट का स्वर्ण उत्तर कोरिया की रि सोंग गुम ने जीता जिन्होंने रिकॉर्ड 213 किग्रा (91 + 122) उठाए जबकि थाईलैंड की थनयाथोन सुक्चारो ने 198 किग्रा (88 + 110) के साथ कांस्य पदक हासिल किया। मीराबाई का यह प्रदर्शन न केवल उनका व्यक्तिगत कमबैक है बल्कि भारतीय भारोत्तोलन के लिए भी उत्साहवर्धक संदेश है।