पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच सऊदी अरब ने अपनी आंतरिक सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। सऊदी अरब के गृह मंत्रालय (Ministry of Interior) ने अपने नागरिकों और प्रवासियों के लिए एक ‘अहम चेतावनी’ जारी की है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मिसाइल या ड्रोन हमलों से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करना अब एक गंभीर कानूनी अपराध माना जाएगा।
सोशल मीडिया पर वीडियो डालना पड़ेगा भारी
सऊदी सरकार द्वारा जारी नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति मिसाइलों या ड्रोनों को हवा में रोकने (Interception) की प्रक्रिया या उनके गिरने वाली जगहों की फोटो या वीडियो लेता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे दृश्यों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करना या किसी भी प्लेटफॉर्म पर साझा करना कानून का उल्लंघन है।
सुरक्षा चूक को रोकने की कवायद
सऊदी अरब का मानना है कि इस तरह की संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक होने से देश की डिफेंस लोकेशन और सुरक्षा रणनीतियों का खुलासा हो सकता है, जिसका फायदा दुश्मन देश उठा सकते हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे इस युद्ध के माहौल में ‘डिजिटल जिम्मेदारी’ दिखाएं और किसी भी ऐसी जानकारी को साझा करने से बचें जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) को खतरा पैदा हो।
जंग के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सऊदी अरब ने यह कदम मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात और मिसाइल हमलों की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए उठाया है। सरकार का उद्देश्य किसी भी प्रकार की ‘सुरक्षा चूक’ को रोकना और देश के भीतर शांति एवं नियंत्रण बनाए रखना है।