नई दिल्ली। भारत और फिलीपींस के रिश्तों में नई गर्मजोशी देखने को मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर की नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक मुलाकात हुई। यह बैठक न केवल दोनों देशों के पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों को फिर से मजबूत करने का संकेत है, बल्कि रणनीतिक और व्यापारिक साझेदारी के नए आयामों की शुरुआत भी करती है।
स्वागत और आपसी सम्मान
मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से फर्डिनेंड मार्कोस का स्वागत किया और दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह बैठक पारंपरिक दोस्ती और गहरे संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। मुलाकात के दौरान भारत और फिलीपींस ने यह स्पष्ट किया कि वे केवल सहयोगी नहीं, बल्कि “स्वेच्छा से बने मित्र” हैं। पीएम मोदी ने कहा, “हमारी दोस्ती नियति से जुड़ी है और यह केवल इतिहास की देन नहीं, बल्कि भविष्य की जिम्मेदारी भी है।”
इंडो-पैसिफिक में साझा उद्देश्य
प्रधानमंत्री मोदी ने खासतौर पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थायित्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक दोनों देशों के साझा मूल्य हैं। इस संदर्भ में, पीएम मोदी की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) विजन के तहत फिलीपींस एक अहम साझेदार है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों पर आधारित व्यवस्था, खासकर नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) का समर्थन करते हैं।
रणनीतिक साझेदारी और व्यापारिक सहयोग
बैठक के दौरान, भारत और फिलीपींस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया। इसके तहत एक व्यापक कार्य योजना तैयार की गई है, जो भविष्य में दोनों देशों के लिए साझा हितों के क्षेत्र में सहयोग सुनिश्चित करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि “हमारी रणनीतिक साझेदारी केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें व्यापार, रक्षा, साइबर सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, निवेश, खाद्य सुरक्षा और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग शामिल होगा।”
व्यापारिक संबंधों में नई गति
दोनों नेताओं ने यह भी स्वीकार किया कि भारत और फिलीपींस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 3 अरब डॉलर से ऊपर जा चुका है और इसे और अधिक ऊंचाई देने की जरूरत है। इसके लिए भारत-आसियान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की समीक्षा शीघ्र पूरी करने और एक प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (PTA) पर काम करने का भी निर्णय लिया गया है। यह कदम दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में नई जान फूंक सकता है।
क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग
भारत ने फिलीपींस को अगले साल के लिए आसियान अध्यक्षता की सफलता हेतु पूरा समर्थन देने की बात कही। पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और फिलीपींस दोनों को इस अवसर का उपयोग क्षेत्रीय स्थायित्व और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए करना चाहिए।
सुरक्षा और रक्षा सहयोग
भारत और फिलीपींस के बीच सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। खासतौर पर समुद्री सुरक्षा, डिफेंस टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और काउंटर-टेररिज्म जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। यह कदम न केवल फिलीपींस की सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप है, बल्कि भारत के लिए आसियान क्षेत्र में सामरिक पहुंच को और मजबूत करता है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति पर भी ध्यान
बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे। भारत के आयुष और डिजिटल हेल्थ मॉडल की जानकारी फिलीपींस को दी जाएगी और भारतीय छात्रों के लिए फिलीपींस में उच्च शिक्षा के रास्ते खुलेंगे। दोनों नेताओं की यह बातचीत आने वाले वर्षों में नवाचार, सहयोग और स्थायित्व की दिशा में एक नई मिसाल कायम कर सकती है।