लोकसभा में आज चुनावी सुधारों पर बड़ी चर्चा, SIR को लेकर फिर टकराव

Vin News Network
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लोकसभा में आज वोटर लिस्ट SIR और चुनावी सुधारों पर विपक्ष व सरकार आमने-सामने।

संसद के शीतकालीन सत्र में कई दिनों से चले विवाद के बाद आज लोकसभा में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी सुधारों पर चर्चा होगी। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर बहस की मांग कर रहा था। सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनने के बाद इसे आज के एजेंडे में शामिल किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार चर्चा दोपहर 12 बजे शुरू होगी और दो दिनों तक चलेगी। इस बहस की शुरुआत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करेंगे।

विपक्ष लंबे समय से SIR का विरोध कर रहा है। मानसून सत्र से ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे थे। मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संसद के भीतर और बाहर “Stop SIR – Stop Vote Chori” लिखे पोस्टर लेकर विरोध जताया था। आज की चर्चा में कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के अलावा के.सी. वेणुगोपाल, मनीष तिवारी, वर्षा गायकवाड़, मोहम्मद जावेद, उज्जवल रमन सिंह, ईसा खान, रवि मल्लू, इमरान मसूद, गोवाळ पाडवी और जोति मणि जैसे नेता शामिल होंगे।

सरकार की ओर से भाजपा ने भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए अपने प्रमुख नेताओं को तैयार किया है। इसमें निशिकांत दुबे, पी.पी. चौधरी, अभिजीत गांगुली और संजय जायसवाल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। भाजपा का कहना है कि विपक्ष SIR के मुद्दे को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है।

कांग्रेस का आरोप है कि SIR, जिसे आधिकारिक तौर पर वोटर लिस्ट से गलत और डुप्लीकेट एंट्री हटाने के लिए शुरू किया गया था, का कई राज्यों, खासकर बिहार में, गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है। विपक्ष का दावा है कि इसकी वजह से उन समुदायों को नुकसान हुआ है जो परंपरागत रूप से विपक्ष को वोट देते हैं। विपक्ष यह भी आरोप लगा रहा है कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) पर पुन: सत्यापन के दौरान भारी दबाव डाला गया, जिसकी वजह से फील्ड स्टाफ के तनाव और कथित आत्महत्याओं की घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है और इसे राजनीतिक प्रचार बताया है।

दो दिनों तक चलने वाली इस बहस से साफ है कि SIR और चुनावी सुधार आने वाले समय में राजनीतिक चर्चाओं का प्रमुख मुद्दा बने रहेंगे।

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