राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके पुत्र तेजस्वी यादव रविवार को दिल्ली पहुंचे। दोनों नेता जल्द ही सीट‑वाटिका के मसले पर चल रही चर्चाओं को सुलझाने के लिए तैयार दिख रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठकें और वार्तालाप जारी हैं और गठजोड़ के भीतर समायोजन के लिए प्रयास चल रहे हैं।
कोर्ट में पेशी भी होगी राउज एवेन्यू में सुनवाई तय
लालू परिवार के दोनों नेता सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में उपस्थित होंगे। दोनों का नाम ‘लैंड‑फॉर‑जॉब’ मामले की सुनवाई सूची में है और पार्टी इस सुनवाई में भी उपस्थित रहने की तैयारी कर रही है।
राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिलने की अटकलें
राजनीति गलियारों में यह कयास लगाया जा रहा है कि तेजस्वी यादव दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व से भी मुलाकात कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर सीट‑वाटिका के अंतिम मसलों पर सहमति बनाने का प्रयास करेंगे ताकि इंडिया गठबंधन के भीतर समन्वय स्थापित हो सके।
पटना एयरपोर्ट पर दिखा भारी उत्साह, पर सवालों पर न्यूनतम प्रतिक्रिया
पटना एयरपोर्ट पर लालू‑परिवार के जलूस का स्वागत के समय कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारे लगाए। मीडिया के सवालों पर लालू प्रसाद यादव ने अधिक टिप्पणियाँ नहीं कीं; वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि वे कोर्ट के बुलावे पर दिल्ली आए हैं और गठबंधन के भीतर सबकुछ सामान्य है।
चुनावी रणनीति राजद ने लगभग 80 सीटों पर दावेदार तय किए
राजद ने आंतरिक समीक्षा के बाद लगभग 80 विधानसभा क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि टिकट उन्हीं को दिए जा रहे हैं जो उस क्षेत्र में जीत की मजबूत संभावना रखते हैं। कुछ जगहों पर पुरानी जीत के आधार पर विधायकों को फिर से टिकट प्रदान किए गए हैं, जबकि कुछ सीटों पर नए दावेदारों के नाम भी सुझाए गए हैं।
सीट‑बंटवारे में पेंच कांग्रेस की मांगें रही बाधक
सूत्रों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में कांग्रेस भी अपनी हिस्सेदारी चाह रही है, जिससे सीट‑बंटवारे की अंतिम रूपरेखा पर अभी सहमति बनना शेष है। यही कारण है कि गठबंधन के भीतर कुछ जगहों पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है और अतिरिक्त वार्ता की आवश्यकता सामने आ रही है।
तेजस्वी का वादा और बिहार के मतदाता को संदेश
तेजस्वी यादव ने निर्वाचन संघर्ष के बीच बेरोज़गारी से मुक्ति जैसे अपने वायदों को दोहराया और कहा कि सत्ता में आने के बाद वे रोजगार पैदा करने की पहल करेंगे। उनका कहना था कि उनकी नीतियाँ बिहार के बेरोज़गारों को राहत देने की कोशिशें होंगी और पार्टी इसके लिए तैयार है।