नई दिल्ली : डीप स्टेट शब्द उस समूह या नेटवर्क की ओर इशारा करता है जो किसी सरकार के भीतर या बाहर से बिना सार्वजनिक जवाबदेही के सरकार से ज्यादा ताकतवर नजर आने लगता है। इस शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले 1990 के दशक में तुर्की में हुआ। यह शब्द तुर्की भाषा के ‘डेरिन डेवलेट’ से ही लिया गया, जिसका अर्थ है गैर-निर्वाचित तत्व जो अनाधिकृत रूप से लोकतांत्रिक सरकार पर हावी होते हैं। तुर्की में इसका तात्पर्य फौजी, खुफिया एजेंसियों और नौकरशाही से था, जो पर्दे के पीछे से सरकार को नियंत्रित करते थे।
इक्कीसवीं सदी में अमरीका में भी इसका इस्तेमाल हुआ। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में एफबीआई और सीआईए के खुफिया नेटवर्क के लिए इसका इस्तेमाल हुआ। आजकल पाकिस्तान में सेना को ‘डीप स्टेट’ माना जाता है। इसमें नौकरशाह, खफिया एजेंसियां, फौजीअधिकारी, जज, राजनेता, कॉर्पोरेट अधिकारी यहां तक कि अपराधी माफिया तक शामिल हो सकते हैं। यानी ऐसे लोग जो अन्य कारणों से महत्त्वपूर्ण होते हैं, पर औपचारिक रूप से जनता द्वारा चुने नहीं जाते। यह दिखाई पड़ने वाली ताकत नहीं होती, फिर भी कुछ लोग इसे वास्तविक और संगठित मानते हैं, जबकि कुछ इसे अतिशयोक्तिपूर्ण या काल्पनिक विचार मानते हैं।