कानपुर में भ्रष्टाचार निरोधक संगठन (एंटी करप्शन टीम) ने शुक्रवार शाम पुलिस कमिश्नर कार्यालय के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि आरोपी कर्मचारी ने एक दरोगा से वेतन विसंगति दूर करने के नाम पर पाँच हजार रुपये की मांग की थी।
दरोगा से वेतन सुधार के नाम पर रिश्वत की मांग
जानकारी के अनुसार, कल्याणपुर थाने में तैनात दरोगा उदय पाल पांडेय का वेतन विसंगति से संबंधित मामला चल रहा था। इस मुद्दे पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिसमें उनके पक्ष में निर्णय आया। आदेश की प्रति उन्होंने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में जमा भी कराई लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्हें कई बार चक्कर काटने पड़े। इसी बीच वहां तैनात उर्दू अनुवादक महफूज अहमद ने दरोगा से मामले का समाधान कराने के बदले ₹5,000 की रिश्वत मांगी।
एंटी करप्शन टीम ने रची योजना
दरोगा ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग को दी। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब पाँच बजे दरोगा रुपये लेकर बजरिया स्थित आदित्य आई हॉस्पिटल के पास पहुंचे। जैसे ही महफूज अहमद ने रिश्वत की रकम ली टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
एंटी करप्शन थाना प्रभारी जटा शंकर ने बताया कि आरोपी महफूज अहमद मूल रूप से गोंडा जिले के रहने वाले हैं और फिलहाल कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय के प्रधान लिपिक अनुभाग में तैनात हैं। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है। अब उन्हें शनिवार को लखनऊ कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है।