मुक्ति फाउंडेशन के साथ जुड़ें प्रकृति की रक्षा करें

Vin News Network
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चित्रकला के माध्यम से हरियाली का संदेश
Highlights
  • नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, लखनऊ के सहयोग से यह कार्यक्रम और भी प्रभावशाली व उद्देश्यपूर्ण बना।
  • बच्चों की भागीदारी से जागरूकता की पहल।
  • समाज को जोड़ने वाली रचनात्मक पहल।

लखनऊ। आज के समय में जब पर्यावरणीय संकट हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित कर रहा है, ऐसे में पर्यावरण सुरक्षा केवल एक विकल्प नहीं बल्कि हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी बन चुकी है। इसी सोच के साथ मुक्ति फाउंडेशन द्वारा नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट लखनऊ के सौजन्य से एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य था पर्यावरण संरक्षण के प्रति बच्चों और समाज को जागरूक करना।

आयोजन की झलक
यह चित्रकला प्रतियोगिता न केवल एक रचनात्मक मंच थी बल्कि यह पर्यावरणीय चेतना को आकार देने का एक सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुई। छात्रों ने अपनी कल्पनाओं और भावनाओं को रंगों के माध्यम से कैनवास पर उकेरा। उनके चित्रों में नदियों की निर्मलता, हरे-भरे जंगल, स्वच्छ आकाश, पक्षियों की चहचहाहट और मानवीय गतिविधियों से हो रहे पर्यावरणीय नुकसान का प्रभावशाली चित्रण देखने को मिला।

प्रतियोगिता का उद्देश्य
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य था बच्चों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें यह समझाना कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारों या संगठनों का दायित्व नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक बना कि भावी पीढ़ी पर्यावरण के प्रति सजग है और उसमें बदलाव लाने की क्षमता है।

सम्मान और प्रेरणा
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों ने अत्यंत प्रेरणादायक चित्र प्रस्तुत किए। निर्णायकों ने चित्रों की विषयवस्तु, प्रस्तुति और संदेश की गहराई को ध्यान में रखते हुए प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथियों ने बच्चों को न केवल पुरस्कार दिए बल्कि पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विचार भी साझा किए। यह आयोजन इस बात का प्रमाण था कि जब बच्चों को सही मार्गदर्शन और मंच मिलता है तो वे समाज में बदलाव की शुरुआत कर सकते हैं। उनकी चित्रों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि हम आज नहीं जागे तो कल शायद बहुत देर हो जाएगी।

एक व्यापक संदेश
यह प्रतियोगिता केवल एक कला कार्यक्रम नहीं थी बल्कि यह एक आंदोलन का रूप ले चुकी है एक ऐसा आंदोलन जो आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाता है कि ‘प्रकृति हमारी धरोहर है, और इसकी रक्षा हमारा कर्तव्य’ हम सब प्रकृति की गोद में पलते हैं, उसकी हवा में साँस लेते हैं, उसकी नदियों का जल पीते हैं और उसकी भूमि पर जीवन जीते हैं। यदि हम प्रकृति को नष्ट करेंगे तो वास्तव में हम अपने अस्तित्व को खतरे में डालेंगे।

मुक्ति फाउंडेशन की भूमिका
मुक्ति फाउंडेशन निरंतर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रयासरत है। पर्यावरणीय चेतना बढ़ाने की दिशा में यह प्रतियोगिता केवल एक पहल थी। फाउंडेशन समय-समय पर पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, जनजागरूकता रैलियाँ और पर्यावरण से जुड़े कार्यशालाओं का आयोजन करता रहा है। इन आयोजनों में युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि आज की पीढ़ी पर्यावरण को लेकर गंभीर है।

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