एशिया कप टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट में भारतीय टीम बुधवार 10 सितंबर को अपने अभियान की शुरुआत मेजबान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के खिलाफ करेगी। भारतीय टीम खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस शाम 7:30 बजे होगा। इस मुकाबले के लिए टीम प्रबंधन की सबसे बड़ी चुनौती संतुलित अंतिम-11 चुनने की है।
ऑलराउंडरों से मजबूत होगा संतुलन
भारतीय टीम अभी इस दुविधा में है कि वह यूएई के खिलाफ शुरुआती मैच में तीसरे स्पिनर को मौका दे या फिर किसी विशेषज्ञ तेज गेंदबाज को। मुख्य कोच गौतम गंभीर के आने के बाद से भारत ने सभी फॉर्मेट्स में ऑलराउंडरों को अहमियत दी है। टीम प्रबंधन का मानना है कि बल्लेबाजी में गहराई देने के लिए आठवें नंबर तक भरोसेमंद बल्लेबाज होना जरूरी है।
पाकिस्तान मैच से पहले अभ्यास जैसा मुकाबला
यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए 14 सितंबर को होने वाले पाकिस्तान के खिलाफ अहम मैच से पहले तैयारी का काम करेगा। अमीरात की टीम को कागज पर कमजोर माना जाता है, इसलिए भारत के पास अलग-अलग संयोजनों को आजमाने का मौका रहेगा।
यूएई खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर
मेजबान यूएई के खिलाड़ियों के लिए यह मैच उनके करियर का अहम मुकाबला हो सकता है। भारतीय टीम के खिलाफ जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी का सामना करना या शुभमन गिल जैसे बल्लेबाज को गेंदबाजी करना किसी भी एसोसिएट टीम के खिलाड़ी के लिए बड़ा अनुभव होगा। एशिया कप उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका देगा।
विकेट कीपर की पहेली
टीम इंडिया में लंबे समय से चली आ रही विकेटकीपर की दुविधा भी बनी हुई है। हालांकि, जितेश शर्मा को प्राथमिकता मिलने की संभावना अधिक है। संजू सैमसन की विस्फोटक बल्लेबाजी के बावजूद जितेश का फिनिशर रोल टीम प्रबंधन को ज्यादा उपयुक्त लग सकता है।
गिल की वापसी से सैमसन के लिए मुश्किल
शुभमन गिल की वापसी के बाद सैमसन के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनाना कठिन हो गया है। अब गिल और अभिषेक शर्मा भारतीय पारी की शुरुआत करेंगे। तीसरे नंबर पर तिलक वर्मा का शानदार प्रदर्शन जारी है, जिसके चलते वह टी20 विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं। कप्तान सूर्यकुमार यादव तीसरे या चौथे नंबर पर उतर सकते हैं।
ऑलराउंडरों पर टिकी निगाहें
मध्यक्रम के बाद नजरें ऑलराउंडरों पर होंगी। हार्दिक पांड्या टीम को बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी दोनों में मजबूती देते हैं। शिवम दुबे भी बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और धीमी पिचों पर स्पिनरों के खिलाफ बड़े शॉट खेलने में माहिर हैं। रिंकू सिंह को भी मौका मिलने की चर्चा है।
निचले क्रम का संतुलन
नंबर सात पर विकेटकीपर-बल्लेबाज जितेश शर्मा फिट बैठते हैं। इसके बाद अक्षर पटेल आते हैं, जो स्पिन के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी योगदान देते हैं।
तेज गेंदबाजी विभाग
तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की जगह लगभग तय है। इनके साथ तीसरे तेज गेंदबाज को चुनना होगा। सितंबर में दुबई की पिचें मार्च की तुलना में अधिक हरी-भरी और उछाल वाली होंगी, जिससे तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है।
स्पिनरों की भूमिका
मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत ने रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती जैसे चार स्पिनरों को खिलाया था। इस बार परिस्थितियां बदली हैं। अक्षर के साथ कुलदीप या वरुण चक्रवर्ती में से किसी को मौका मिल सकता है। अभिषेक शर्मा भी बाएं हाथ से स्पिन करा सकते हैं।
यूएई टीम के लिए सुनहरा मौका
मेजबान यूएई के लिए यह टूर्नामेंट अपनी क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर है। उनके खिलाड़ी – मुहम्मद वसीम, राहुल चोपड़ा और सिमरनजीत सिंह – अनुभवी कोच लालचंद राजपूत के मार्गदर्शन में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने को तैयार हैं। यह प्रतियोगिता उनके लिए एशिया की शीर्ष टीमों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच होगी।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11
भारत:
सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), शिवम दुबे/रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती/कुलदीप यादव।
संयुक्त अरब अमीरात:
मुहम्मद वसीम (कप्तान), अलीशान शराफू, आसिफ खान, अर्यांश शर्मा, राहुल चोपड़ा (विकेटकीपर), सिमरनजीत सिंह, ध्रुव पराशर, जुनैद सिद्दीकी, मुहम्मद जवादुल्लाह, मुहम्मद फारूक, मतीउल्लाह खान।