प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 का उद्घाटन करते हुए देश की डिजिटल प्रगति और सस्ती इंटरनेट पहुंच पर जोर दिया। यह नौवें संस्करण का आयोजन 8 से 11 अक्टूबर तक चल रहा है और इसमें दुनिया भर के टेक्नोलॉजी तथा नीति निर्माताओं की भागीदारी है। इस बार का थीम ‘Innovate to Transform’ रखा गया है जो डिजिटल नवाचार के जरिए सामाजिक विकास पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने दूरसंचार के क्षेत्र में लंबा सफर तय किया है 2G की चुनौतियों से निकलकर अब 5G कवरेज तक का विस्तार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि एक जीबी डेटा की कीमत आज एक कप चाय से भी कम है जो सुलभ डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता का प्रमाण है। भारत में मोबाइल निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में हाल के वर्षों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है और मोबाइल निर्यात भी बढ़ा है।
मोदी ने बुनियादी ढाँचे की प्रगति पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि लगभग एक लाख टावरों की स्थापना ने कनेक्टिविटी क्षमता बढ़ाई है। साथ ही देश के स्वदेशी 4G सॉफ्टवेयर स्टैक के लॉन्च को तकनीकी उपलब्धि बताया गया और कहा गया कि डिजिटल बदलावों के समर्थन के लिए आधुनिक कानूनी ढाँचे का निर्माण आवश्यक है।
टेलीकॉम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता से अब ‘सेल्फ इनोवेशन’ की ओर बढ़ रहा है जहां सेमीकंडक्टर चिप भी आज विकास का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने बताया कि मोबाइल डेटा की कीमतें पिछले कुछ वर्षों में लगभग 98% तक घट चुकी हैं और दूसरे देशों में भारत के DPR मॉडल को अपनाने की रुचि बढ़ रही है। सरकार की PLI योजनाओं से सेमीकंडक्टर उत्पादन में भी बड़ी रकम निवेशित हुई है।
सिंधिया ने आगे कहा कि भारत के पास 120 करोड़ मोबाइल सब्सक्राइबर हैं और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में उल्लेखनीय उछाल आया है ब्रॉडबैंड व इंटरनेट कवरेज में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी लक्ष्य दिया कि भारत 6G तक की तैयारी कर रहा है और वैश्विक पेटेंट में बढ़ती हिस्सेदारी सुनिश्चित करेगा। आयोजन में ऑप्टिकल कम्युनिकेशन, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कम्युनिकेशन, 6G और फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर्स जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है।