भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के बाद दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि यह समझौता केवल व्यापारिक करार नहीं, बल्कि साझा समृद्धि का एक नया खाका है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत-EU साझेदारी विश्व व्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बयान नई दिल्ली में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में दिया। यह वार्ता भारत-EU FTA पर बातचीत पूरी होने के बाद आयोजित की गई।
पीएम मोदी का बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह केवल एक व्यापार समझौता नहीं है। यह साझा समृद्धि का एक नया ब्लूप्रिंट है।” उन्होंने कहा कि भारत-EU सहयोग वैश्विक हितों के लिए साझेदारी है और यह समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और EU मिलकर विश्व व्यवस्था को स्थिरता प्रदान कर सकते हैं।
लग्ज़री कारें होंगी सस्ती
FTA लागू होने के बाद भारत में यूरोपीय लग्ज़री कारें सस्ती हो सकती हैं। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, BMW, मर्सिडीज़-बेंज, लैम्बॉर्गिनी, पोर्श और ऑडी जैसी कारों पर आयात शुल्क में चरणबद्ध कमी की जाएगी।
15,000 यूरो (लगभग 16 लाख रुपये) से अधिक कीमत वाली कारों पर वर्तमान में 40 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है, जिसे कोटा आधारित व्यवस्था के तहत घटाकर 10 प्रतिशत तक किया जाएगा। इससे इन कारों की कीमतों में लाखों रुपये की कमी आने की संभावना है। यह व्यवस्था भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।
यूरोपीय वाइन भी होंगी कम कीमत पर उपलब्ध
FTA के तहत यूरोपीय वाइन पर आयात शुल्क में भी कमी की जाएगी। वर्तमान में 150 प्रतिशत शुल्क को घटाकर महंगी वाइन के लिए 20 प्रतिशत किया जाएगा। हालांकि 2.5 यूरो से कम कीमत वाली वाइन पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
इसके साथ ही भारतीय वाइन को भी EU के 27 सदस्य देशों में बाजार पहुंच मिलेगी। यूरोपीय संघ भारतीय वाइन पर आयात शुल्क को समाप्त करेगा। अधिकारियों के अनुसार, शुल्क में कटौती सात वर्षों में चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
दवाइयां और मेडिकल उपकरण
इस समझौते से कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली आयातित दवाइयां और मेडिकल उपकरण भारत में सस्ते हो सकते हैं। साथ ही भारत में निर्मित दवाओं को यूरोपीय संघ के 27 देशों के बाजारों तक पहुंच मिलेगी, जिससे भारतीय फार्मा उद्योग को लाभ होने की उम्मीद है।
स्पेयर पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स
FTA के तहत विमान के स्पेयर पार्ट्स, मोबाइल फोन और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त किया जाएगा। इससे भारत में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण की लागत घटेगी और उपभोक्ताओं को कम कीमत पर उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।
स्टील, केमिकल्स और गारमेंट्स
समझौते में आयरन, स्टील और केमिकल उत्पादों पर शून्य शुल्क का प्रस्ताव है, जिससे निर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चे माल की लागत कम हो सकती है। इससे रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को लाभ मिलने की संभावना है। इसके अलावा भारतीय गारमेंट्स, लेदर और ज्वेलरी उत्पादों को यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी।
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।