आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण से पहले भारतीय टीम की नजरें अब एक बड़े मुकाबले पर टिक गई हैं, जहां उसका सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा। इस अहम मैच से पहले भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम के प्रदर्शन और खासतौर पर युवा ओपनर अभिषेक शर्मा की फॉर्म को लेकर खुलकर बात की।
अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में अब तक निराशाजनक रहा है। उन्होंने तीन मैच खेले हैं, लेकिन एक भी रन नहीं बना पाए हैं। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच उनकी जगह को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इन सभी चिंताओं को खारिज करते हुए खिलाड़ी पर पूरा भरोसा जताया है।
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्या ने कहा कि उन्हें अभिषेक की फॉर्म को लेकर कोई चिंता नहीं है, बल्कि उन्हें उन टीमों की चिंता है जिन्हें आगे चलकर इस बल्लेबाज का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले साल अभिषेक ने शानदार प्रदर्शन किया था और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में टीम का कर्तव्य है कि वह इस समय उनका समर्थन करे और उन्हें आत्मविश्वास दे।
सूर्यकुमार यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि टीम का माहौल सकारात्मक है और खिलाड़ी दबाव में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हर मैच में 250 रन बनाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार खेलना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम अब आक्रामक के साथ-साथ संतुलित रणनीति अपनाने पर ध्यान दे रही है, खासकर उन पिचों पर जहां बल्लेबाजी आसान नहीं है।
जब विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को लेकर सवाल पूछा गया, तो कप्तान ने कहा कि टीम में सब कुछ ठीक चल रहा है और सभी खिलाड़ी अपनी भूमिका को समझते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टीम को आगे आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए आसान नहीं होने वाला है। प्रोटियाज टीम के पास एक मजबूत और संतुलित गेंदबाजी आक्रमण है, जिसमें कागीसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, मार्को जानसेन, केशव महाराज और एडन मार्कराम जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं। ये सभी गेंदबाज किसी भी मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।
इस मैच में भारतीय टीम की रणनीति और बल्लेबाजी संयम की असली परीक्षा होगी। कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाजों ने हाल के मैचों में आक्रामक शॉट्स के बजाय स्थिर बल्लेबाजी पर जोर दिया है। अब देखना यह होगा कि यह रणनीति दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीम के खिलाफ कितनी सफल साबित होती है।
यह मुकाबला न केवल सुपर-8 चरण की शुरुआत को रोमांचक बनाएगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि भारतीय टीम दबाव में किस तरह प्रदर्शन करती है। वहीं, अभिषेक शर्मा के लिए यह मैच खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा।