साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में भारतीय टीम ने दर्शकों को रोमांचक और शानदार क्रिकेट का अनुभव कराया और 9 विकेट से जीत दर्ज की। यह मुकाबला 6 दिसंबर 2025 को विशाखापत्तनम के डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। साउथ अफ्रीकी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को जीत के लिए 271 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया। उनके बल्लेबाजों ने कुछ बड़े शॉट्स खेले और रन बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने कड़ा प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम को लगातार दबाव में रखा। साउथ अफ्रीका ने निर्धारित ओवरों में 270 रन बनाए और भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
चेस में उतरते ही भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने आक्रामक शुरुआत की। पारी की शुरूआत से ही टीम ने रन बनाने की रफ्तार तेज रखी। सलामी बल्लेबाजों के सफल प्रदर्शन के बाद मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने संयम और शॉट चयन के साथ रन बनाने का काम जारी रखा। टीम ने विकेट गंवाए बिना लक्ष्य को धीरे-धीरे हासिल करना शुरू किया और अंततः केवल 39.5 ओवर में 271 रन का लक्ष्य पूरा कर लिया। इस जीत के पीछे विशेष रूप से यशस्वी जायसवाल की पारी को सबसे अहम माना गया, जिन्होंने 121 गेंदों में नाबाद 116 रन बनाए और टीम को विजयी बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इसके अलावा टीम के अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली ने नाबाद 65 रन बनाकर पारी को मजबूती प्रदान की।
इस जीत के साथ ही भारत ने वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। पहले मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन दूसरे और तीसरे मैच में टीम ने शानदार वापसी की और अपनी ताकत साबित की। इस सीरीज में टीम के गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने समान रूप से बेहतरीन प्रदर्शन किया। गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को लगातार दबाव में रखा और रन बनाने की गति को नियंत्रित किया। भारतीय बल्लेबाजों ने रणनीति और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा, जिससे टीम आसानी से लक्ष्य तक पहुँच सकी। विशेष रूप से युवा खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल ने अपनी तकनीक और आत्मविश्वास दिखाते हुए टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान किया।
तीसरे वनडे में टीम की फील्डिंग भी प्रभावशाली रही। कई महत्वपूर्ण कैच और रन रोकने वाले प्रयासों ने विपक्षी टीम को परेशान किया और भारतीय टीम की पकड़ को मजबूत किया। इस मैच में सलामी बल्लेबाजों की तेज़ शुरुआत, मध्यक्रम के संयमित और आक्रामक प्रदर्शन, और गेंदबाजों की सही रणनीति ने मिलकर भारत को जीत दिलाई। इस जीत ने भारतीय क्रिकेट टीम की ताकत और क्षमता को एक बार फिर साबित किया और फैंस को रोमांचक क्रिकेट देखने का आनंद दिया।
सीरीज की यह जीत टीम के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ आने वाले अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए आत्मविश्वास भी बढ़ाती है। टीम के कोचिंग स्टाफ और प्रबंधन के लिए यह संतोषजनक रहा क्योंकि खिलाड़ियों ने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया। कप्तान ने भी सही रणनीति अपनाई और टीम को विजयी बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस जीत ने साबित किया कि भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा भी समान रूप से उपयोग हो रही है।
फैंस के लिए यह मैच और सीरीज बेहद यादगार रही। यशस्वी जायसवाल का शतक और विराट कोहली का नाबाद 65 रन पारी को हाइलाइट्स बना गए। टीम ने केवल लक्ष्य को पूरा नहीं किया बल्कि इसे आराम से हासिल कर यह संदेश भी दिया कि भारत की टीम संयम, रणनीति और आक्रामकता का सही मिश्रण खेल रही है। वनडे सीरीज में यह निर्णायक जीत न केवल टीम के लिए, बल्कि भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए भी उत्साहजनक रही।
अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें आगामी T20 सीरीज पर टिकी हैं। भारतीय टीम 9 दिसंबर से शुरू होने वाले T20 मुकाबलों के लिए तैयारी में जुट गई है। इस सीरीज में टीम की नजरें इसी तरह बेहतरीन प्रदर्शन और जीत पर होंगी। वनडे में मिली जीत और युवा खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन भारतीय टीम के आत्मविश्वास को और बढ़ाएगा।
इस जीत के साथ भारत ने तीसरे वनडे में साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराकर वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की और यह दिखा दिया कि टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का सही मेल है। यह प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट की ताकत और क्षमता को उजागर करता है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय मैचों में टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेगा।