IND vs PAK: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज मैदान पर भी भारत ने पाकिस्तान को हराकर रचा इतिहास

Vin News Network
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प्रधानमंत्री मोदी ने टीम इंडिया को उनकी ऐतिहासिक जीत पर सराहा।
Highlights
  • प्रधानमंत्री मोदी ने टीम इंडिया को दी हार्दिक बधाई और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश।
  • ऑपरेशन सिंदूर’ मैदान पर भी जारी, भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया।
  • सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने जीती 9वीं एशिया कप ट्रॉफी।

एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर एक बार फिर साबित कर दिया कि मैदान पर भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पूरी ताकत से जारी है। भारत की यह जीत केवल खेल के लिहाज से ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय भावना और एकजुटता के प्रतीक के रूप में देखी जा रही है। इस ऐतिहासिक जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम इंडिया को खास बधाई दी।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश- जीत सिर्फ मैदान की नहीं है
मैच के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ऑपरेशन सिंदूर खेल के मैदान पर जारी है। परिणाम भी सेम है भारत की जीत। हमारे क्रिकेटरों को बधाई!” उनका यह संदेश न सिर्फ टीम इंडिया के लिए उत्साहवर्धक था बल्कि देशवासियों की भावना को भी छू गया।

भारत की 9वीं एशिया कप ट्रॉफी
भारत ने फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को रोमांचक अंदाज़ में हराकर नौवीं बार एशिया कप का खिताब जीता। इस जीत के साथ भारत ने 7 बार वनडे फॉर्मेट और 2 बार टी20 फॉर्मेट में खिताब अपने नाम किया है जिससे वह सबसे ज्यादा बार एशिया कप जीतने वाली टीम बन गई है।

मैच का हाल रोमांच से भरा हर लम्हा
पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 146 रन बनाए, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ने उन्हें लंबी पारी खेलने का मौका नहीं दिया। जवाब में भारत ने शुरुआती झटकों के बावजूद 19.4 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

मैच के चार सितारे जिन्होंने बदल दी कहानी
वरुण चक्रवर्ती – दो सेट बल्लेबाज़ों (फखर ज़मां और फरहान) को आउट कर पाकिस्तान की रफ्तार तोड़ी।

तिलक वर्मा – मुश्किल समय में टीम को संभालते हुए नाबाद 69 रन की मैच विनिंग पारी खेली।

संजू सैमसन- तिलक के साथ अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को स्टेबल किया।

शिवम दुबे – तेजी से रन बटोरकर मैच को भारत की पकड़ में रखा।

नई कप्तानी, नई शुरुआत
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत का यह पहला बड़ा खिताब है। उन्होंने दिखा दिया कि टीम को संकट से निकालना सिर्फ व्यक्तिगत फॉर्म नहीं रणनीतिक सोच का भी हिस्सा है।

नतीजा- मैदान से सीमा तक एकजुट भारत
भारत की यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी की कहानी नहीं है। यह एक संदेश है कि जब बात देश की हो, तो मैदान भी मोर्चा बन जाता है। ऑपरेशन सिंदूर की गूंज अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं बल्कि क्रिकेट के मैदान पर भी सुनाई देने लगी है।

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