बांग्लादेश में आम चुनाव के बीच हिंसा की एक और घटना ने अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मौलवीबाजार जिले में मतदान से एक दिन पहले 28 वर्षीय हिंदू युवक रतन साहूकार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। रतन चंपा इलाके के एक चाय बागान में काम करता था। बुधवार सुबह करीब 10 बजे उसका शव मिला, जिस पर गहरे जख्मों के निशान थे और हाथ-पैर बंधे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शरीर पर चोटों से खून बह रहा था। सहकर्मियों ने आशंका जताई है कि उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना चुनाव से जुड़ी है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। हालांकि, मौत के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
उधर, बांग्लादेश में गुरुवार सुबह 7:30 बजे मतदान शुरू हुआ, जो शाम 4:30 बजे तक जारी रहेगा। मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू होने की उम्मीद है। चुनाव से पहले हुई इस घटना ने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी की खबरें सामने आती रही हैं। हाल ही में मैमनसिंह जिले में 62 वर्षीय हिंदू व्यापारी सुशेन चंद्र सरकार की भी अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने उनकी दुकान के अंदर वारदात को अंजाम दिया और नकदी लेकर फरार हो गए।
जुलाई-अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए व्यापक और हिंसक प्रदर्शनों के बाद उन्हें देश छोड़ना पड़ा था। इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन किया गया। अंतरिम सरकार ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की अपील की है। चुनावी माहौल के बीच सामने आई हिंसा की ये घटनाएं बांग्लादेश की आंतरिक स्थिति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही हैं।