उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के किसानों ने एक बार फिर अपनी मेहनत और नवाचार का लोहा मनवाया है। लखनऊ के जनभवन परिसर में 6 से 9 फरवरी 2026 तक आयोजित प्रादेशिक शाकभाजी, फल एवं पुष्प प्रदर्शनी में जिले के किसानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 11 पुरस्कार अपने नाम किए। इस उपलब्धि ने न सिर्फ हरदोई का नाम रोशन किया, बल्कि प्रदेश भर में इसकी एक अलग पहचान भी बनाई।
इस राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदेश के कई जिलों से आए प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता में सब्जी उत्पादन, फल, फूल, मशरूम और शहद उत्पादन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किसानों की प्रतिभा का प्रदर्शन हुआ। हरदोई के किसानों ने इन सभी क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए निर्णायकों को प्रभावित किया।
प्रदर्शनी के दौरान विजेता किसानों को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और कृषि मंत्री दिनेश प्रताप सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। इस मंच पर सम्मान मिलना किसानों के लिए गर्व का क्षण रहा। इससे यह भी साबित हुआ कि हरदोई के किसान आधुनिक तकनीकों और नई खेती पद्धतियों को अपनाकर बेहतर परिणाम हासिल कर रहे हैं।
अगर व्यक्तिगत उपलब्धियों की बात करें तो ग्राम पहाड़पुर (भरावन) के ओमप्रकाश मौर्य ने शहद उत्पादन में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, इसी गांव के रामसनेही ने मटर उत्पादन में प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया। महिलाओं ने भी इस प्रतियोगिता में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। अनीता सिंह ने ऑयस्टर मशरूम उत्पादन में प्रथम स्थान पाया, जबकि प्रियदर्शनी मिश्रा ने बटन मशरूम उत्पादन में तीसरा स्थान हासिल किया।
इन उपलब्धियों के उपलक्ष्य में 19 फरवरी 2026 को हरदोई कलेक्ट्रेट परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिलाधिकारी अनुनय झा ने सभी विजेता किसानों को प्रशस्ति पत्र, मालाएं और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने किसानों की मेहनत, लगन और नए प्रयोगों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की उपलब्धियां अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनती हैं।
जिलाधिकारी ने इस अवसर पर किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि औद्यानिकी फसलों की खेती से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। अगर किसान वैज्ञानिक तरीकों और नवाचारों को अपनाते हैं, तो वे कम लागत में ज्यादा उत्पादन कर सकते हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं।
कार्यक्रम में उद्यान विभाग की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि विभाग द्वारा किसानों को समय-समय पर दी जाने वाली तकनीकी जानकारी और सहायता उनके लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है। यही कारण है कि आज किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई विधियों को अपनाने में भी आगे बढ़ रहे हैं।
यह सफलता सिर्फ कुछ किसानों की नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। हरदोई के किसानों ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है। उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी किसान इस दिशा में आगे बढ़ेंगे और जिले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।