नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण उत्पन्न एलपीजी आपूर्ति बाधाओं के बीच, दिल्ली सरकार ने राजधानी के घरेलू गैस नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने सोमवार, 30 मार्च 2026 को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शहर में लंबित 4 लाख नए पाइपलाइन नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन देने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
प्रमुख रणनीतिक निर्णय और लक्ष्य
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में मंत्री सूद ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली की पूरी क्षमता का उपयोग करना है.
नेटवर्क क्षमता: दिल्ली में कुल 18 लाख पीएनजी कनेक्शन प्रदान करने की आधारभूत क्षमता है.
वर्तमान स्थिति: अब तक 14 लाख घरों को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है.
नया लक्ष्य: शेष 4 लाख घरों को जल्द से जल्द कनेक्शन आवंटित करने के लिए अधिकारियों को ‘मिशन मोड’ में काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
मंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, पीएनजी के विस्तार को गति देने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की गई है, जिसके तहत पाइप गैस अपनाने के लिए ‘घर-घर अभियान’ चलाया जाएगा.
एलपीजी संकट और पीएनजी का महत्व
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है. एलपीजी की अनिश्चितता के बीच, सरकार पीएनजी को एक सुरक्षित और निरंतर विकल्प के रूप में देख रही है.
भारत सरकार ने मार्च महीने में ही देश भर में 3.1 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शनों के लिए गैस आपूर्ति शुरू की है, जबकि 2.7 लाख अन्य नए कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं. पीएनजी न केवल एक स्वच्छ ईंधन है, बल्कि यह एलपीजी सिलेंडरों के भंडारण और वितरण की झंझटों को भी कम करता है.