लखनऊ : कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत अनुदान पाने के लिए किसान अब विभागीय पोर्टल पर स्वयं बुकिंग कर सकेंगे। लक्ष्य से अधिक आवेदन होने पर ई-लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
कृषि विभाग ने संबंधित योजनाओं के संचालन के लिए प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया है। इसमें 10,001 रुपये से एक लाख रुपये तक अनुदान वाले यंत्रों के लिए 2500 रुपये और एक लाख रुपये से अधिक अनुदान वाले यंत्रों के लिए पांच हजार रुपये जमानत राशि तय की गई है। इस संबंध में जारी शासनादेश के अनुसार, दस हजार रुपये तक अनुदान वाले यंत्रों-उपकरणों के लिए आवेदक कृषि विभाग के पोर्टल पर स्वयं बुकिंग कर 10 दिन अंदर बिल अपलोड करेगा।
निर्धारित अवधि में बिल अपलोड न करने पर बुकिंग निरस्त हो जाएगी। इस श्रेणी के यंत्रों के वितरण के लिए जिलों में किसान मेले-गोष्ठी आयोजित कर भी बुकिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी। दस हजार रुपये से अधिक अनुदान वाले यंत्र-उपकरण, कस्टम हायरिंग सेंटर, हाईटेक हब फार कस्टम हायरिंग, फार्म मशीनरी बैंक, थ्रेसिंग फ्लोर, स्माल गोदाम के संबंध में ई-लॉटरी से चयन होगा।
पोर्टल पर न्यूनतम दो सप्ताह तक आवेदन लिए जाएंगे। आवेदन के साथ किसान को जमानत राशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। चयनित होने पर धनराशि अधिकतम छह माह में वापस कर दी जाएगी। लक्ष्य से अधिक आवेदन आने पर जिला स्तर डीएम की अध्यक्षता में गठित कार्यकारी समिति के समक्ष विभागीय पोर्टल पर ई-लॉटरी से चयन किया जाएगा।
लाभार्थी चयन के संबंध में तत्काल पोर्टल से पंजीकृत मोबाइल पर मैसेज भेजा जाएगा। सभी प्रकार के कृषि यंत्रों-कृषि रक्षा उपकरणों के लिए बुकिंग और ई-लॉटरी व्यवस्था में आवेदन किए जाने के लिए विभागीय पोर्टल पर पूर्व से उपलब्ध मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त करने का विकल्प होगा। कृषि यंत्र-उपकरण क्रय के सत्यापन की व्यवस्था जनपदीय उप कृषि निदेशक द्वारा नामित कर्मचारी-अधिकारी के माध्यम से कराई जाएगी।