भारत में सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं में बदलाव और सुधार को लेकर जीईएम (Government e-Marketplace) ने आईडीएएस 2024 बैच के परिवीक्षार्थियों के लिए एक विशेष अनुकूलन सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित करना था। जीईएम ने बताया कि उनकी भूमिका सिर्फ खरीद को सरल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक हितधारक को ऐसे उपकरण प्रदान करता है जो निर्णय लेने की प्रक्रिया को त्वरित, डेटा-संचालित और अनुपालन योग्य बनाते हैं। रक्षा क्षेत्र में भी जीईएम इस बदलाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देने की उम्मीद करता है।
दिन भर चलने वाले इस कार्यक्रम में जीईएम के वर्टिकल प्रमुख और डोमेन विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्र आयोजित किए, जिनमें प्रमुख खरीद अवधारणाएं, प्रक्रियाएं और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां, खरीदार की चुनौतियां और प्लेटफ़ॉर्म-सक्षम समाधान, अनुपालन अनिवार्यताएं और नीतिगत अवसर, शिकायत निवारण, घटना प्रबंधन और सहायता प्रणालियां तथा जीईएम पोर्टल का व्यापक व्यावहारिक प्रदर्शन शामिल थे। संवादमूलक चर्चाओं के माध्यम से परिवीक्षार्थियों को सीधे जीईएम टीमों से जुड़ने, स्पष्टीकरण प्राप्त करने और मांग सृजन से लेकर अनुबंध प्रबंधन और भुगतान तक संपूर्ण खरीद चक्र को समझने का अवसर मिला।
इस कार्यक्रम के दौरान 2024 बैच के 17 आईडीएएस परिवीक्षार्थियों ने जीईएम के मूल सिद्धांतों, शासन पद्धतियों और प्रौद्योगिकी-संचालित सुधारों से परिचय प्राप्त किया, जिनसे सरकारी खरीद में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और दक्षता बढ़ाने में मदद मिलती है। जीईएम ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वह रक्षा संस्थानों और अन्य सरकारी विभागों के साथ साझेदारी मजबूत करते हुए सार्वजनिक वित्त और खरीद पेशेवरों की अगली पीढ़ी के विकास में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से योगदान देता रहेगा।