भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी का भाई नेहल मोदी अमेरिका में गिरफ्तार, सीबीआई-ईडी के प्रत्यर्पण अनुरोध पर कार्रवाई

प्रत्यर्पण का अनुरोध क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी सेक्शन 120 बी, 201 इंडियन पीनल कोड और 3 प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 के तहत किया गया था।

Vin News Network
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भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी का भाई नेहल मोदी अमेरिका में गिरफ्तार, सीबीआई-ईडी के प्रत्यर्पण अनुरोध पर कार्रवाई

वॉशिंगटन : भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा किए गए प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर संयुक्त राज्य अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। भारत का भगोड़ा नीरव मोदी का भाई नेहल मोदी अमेरिका में गिरफ्तार हो गया है। भारत के लिए इसे बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिकी न्याय विभाग ने भारतीय अधिकारियों को सूचित किया है कि भगोड़े आर्थिक अपराधी नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी को अमेरिका में 4 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी भारत के प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा संयुक्त रूप से दायर प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर की गई है।

प्रत्यर्पण का अनुरोध क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी सेक्शन 120 बी, 201 इंडियन पीनल कोड और 3 प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 के तहत किया गया था। नीरव मोदी के साथ ही नेहाल मोदी पर भी पंजाब नेशनल बैंक से हजारों करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप हैं। सीबीआई और ईडी की जांच के मुताबिक नीरव मोदी के इस स्कैम को अंजाम देने में उसके भाई नेहाल मोदी ने अहम रोल निभाया था। नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की कोशिश भी जांच एजेंसियां यूके से कर रही हैं। सुनवाई की अगली तारीख 17 जुलाई की है। इसमें नेहाल मोदी जमानत के लिए भी अपील कर सकता है और यूएस अथॉरिटी भारतीय एजेंसियों के तर्क पर इसका विरोध करेंगी।

नेहल मोदी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में वांछित है। यह देश के इतिहास में सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से की गई जांच में नेहल मोदी को नीरव मोदी की आपराधिक आय को वैध बनाने के लिए काम करने वाले अहम शख्स पाया गया था, जो ब्रिटेन से प्रत्यर्पण का भी सामना कर रहा है।

नेहल पर आरोप है कि उसने भारतीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए शेल कंपनियों और विदेशी लेनदेन के नेटवर्क के जरिए भारी मात्रा में अवैध धन को छिपाने और स्थानांतरित करने में सहायता की। प्रत्यर्पण कार्यवाही के लिए अगली सुनवाई की तारीख 17 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। वह इस दौरान जमानत के लिए आवेदन कर सकता है, जिसका अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने विरोध करने की बात कही है।

उधर, दिल्ली की एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर ब्रिटेन में बसे हथियार डीलर संजय भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है।

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