कोलकाता : पश्चिम बंगाल के कोलकाता में कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले को लेकर भाजपा द्वारा गठित चार सदस्यों सत्यपाल सिंह, मीनाक्षी लेखी, बिप्लब कुमार देब, मनन कुमार मिश्रा का फैक्ट फाइंडिंग पैनल कोलकाता के दौरे पर है। उधर, रविवार को जिला भाजपा महिला मोर्चा ने कलकत्ता लॉ कॉलेज में कथित सामूहिक बलात्कार की घटना के विरोध में मशाल मार्च निकाला।
फैक्ट फाइंडिंग पैनल के कोलकाता पहुंचने पर भाजपा नेत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा, जनता से संपर्क अनिवार्य है। जो प्रशासन में रहकर जनता की आवाज नहीं सुनते और जनता से बात नहीं करते, वो भी प्रशासन के खिलाफ ही काम कर रहे हैं। हमारे कार्यकर्ताओं ने पुलिस आयुक्त, मुख्य सचिव और कॉलेज के अधिकारियों से बातचीत करने और यह समझने के लिए समय मांगा है कि क्या कार्रवाई हुई और कहां तक कार्रवाई पहुंची है। वास्तविक जांच होगी कि एक व्यक्ति जो पहले से ही आपराधिक घटनाओं में संलग्न रहा है, ऐसे में उसे इतने लंबे समय तक कैसे कॉलेज में जाने दिया गया… सबसे बड़ी बात यह है कि पश्चिम बंगाल में एक महिला मुख्यमंत्री हैं, इसके बावजूद वहां बार-बार ऐसी भयावह घटनाएं घट रही है। इन सभी विषयों को लेकर हमारी टीम वहां का दौरा करेगी
कोलकाता में कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले को लेकर भाजपा द्वारा गठित 4 सदस्यों के फैक्ट फाइंडिंग पैनल का कोलकाता दौरा करने पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, ये पुलिस का काम है और देश का कानून सशक्त है। देश का कानून उनको(दोषियों को) सजा दिलाने में सक्षम है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसी घटनाएं हर जगह हो रही हैं। यह एक विकृति है और इस विकृति के लिए बौद्धिक जागरूकता जरूरी है। उस बौद्धिक जागरूकता के लिए वो प्रयास नहीं कर रहे हैं, वे केवल राजनीति कर रहे हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए।
भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, आज दिल्ली से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के निर्देश में चार सदस्यों की समिति यहां आ रही है, जिसमें डॉ. सत्यपाल सिंह, मीनाक्षी लेखी, बिप्लब कुमार देब और सांसद मनन कुमार मिश्रा आएंगे। हम साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज, जहां पर घटना हुई है वहां जाएंगे और उसके बाद हम प्रेस वार्ता करें।
JDU नेता नीरज कुमार ने कोलकाता में कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले पर कहा, अभियुक्त की गिरफ्तारी ही सरकार की जिम्मेदारी नहीं होती है क्योंकि एक राजनीतिक दल से उसका संबंध है तो TMC को केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई ही नहीं करनी चाहिए बल्कि जनता यह उम्मीद करती है कि आप समय सीमा के तहत चार्जशीट तय करें, SPD ट्रायल करें, जिससे न्याय मिलने की उम्मीद बरक़रार रहे। इससे लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास बढ़ता है। ममता बनर्जी आप महिला मुख्यमंत्री हैं। इस तरह के विषय पर राजनीतिक एजेंडा मत तय कीजिए। इस तरह का सामाजिक महापाप करने वाला किसी पार्टी, धर्म या जाति से जुड़ा हुआ हो, उसके खिलाफ मुकम्मल कार्रवाई होनी चाहिए और यह कार्रवाई दिखाई भी देनी चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और समिति के सदस्य सतपाल सिंह ने कहा, पश्चिम बंगाल में महिलाएं असुरक्षित होती जा रही हैं। पिछले साल आरजी कर मेडिकल कॉलेज में भी इस प्रकार का दुष्कर्म हुआ था। अब लॉ कॉलेज में एक और घटना हुई है। मुख्य आरोपी TMC का सदस्य बताया जा रहा है। जिस प्रकार की बयानबाजी TMC के नेताओं द्वारा की जा रही है, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हम पीड़िता के परिवार के सदस्यों से मिलने और वहां के हितधारकों से बात करने की कोशिश करेंगे। हम पुलिस से भी पूछेंगे कि उन्होंने क्या किया है। मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमें सभी जगहों पर जाने की अनुमति देंगी।
कलकत्ता लॉ कॉलेज में कथित सामूहिक बलात्कार जिला भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष पारिजात सेनगुप्ता ने कहा, आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जो घटना हुई थी उसकी याद अभी भी ताजा है कलकत्ता लॉ कॉलेज में फिर वैसी ही घटना घटी है। बंगाल की स्थिति ऐसी आ गई है जो छात्रा लॉ की विद्यार्थी है वो खुद की रक्षा नहीं कर पा रही है। हम निंदा करते हैं जो संस्कृति ममता बनर्जी के नेतृत्व में चल रही है इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। हम चाहते हैं कि इस पर कड़ी कार्रवाई हो और जनता से निवेदन करना चाहते हैं कि वो इस सरकार को बाहर करें।
कोलकाता सामूहिक बलात्कार की घटना पर भाजपा नेता नलिन कोहली ने कहा, ये बहुत ही दुख की बात है कि पश्चिम बंगाल में TMC की नेता ममता बनर्जी खुद एक महिला होकर वहां की मुख्यमंत्री है और वहां पर जो स्थिति हम लगातार देख रहे हैं, महिलाओं के साथ दुष्कर्म, अत्याचार और कही न कही ये आरोप बार-बार आ रहा है कि TMC से जुड़े लोग ये कर रहे हैं। हमने कई गांव में देखा वहां पर ऐसा हुआ है और अब कलकत्ता लॉ कॉलेज की एक छात्रा के साथ जो हुआ है उसमें मुख्य आरोपी के गंभीर तार TMC से जुड़े हुए हैं। वहां के पार्टी के नेता भी ये बोल रहे हैं। अब इस पर पूरी जानकारी और सत्य क्यों बाहर नहीं आना चाहिए। वहां पर क्यों रोक लगाई जा रही है? क्या TMC सरकार चाहती है कि सत्य बाहर न आए? क्या वह किसी को बचाना चाहती है। ये प्रश्न उठाता है, जहां पर महिला मुख्यमंत्री है वहां पर किसी भी महिला के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए, उत्पीड़न नहीं होनी चाहिए, गैंगरेप तो बहुत दूर की बात है। वहां पर जिनके साथ ये हो रहा है उन्हें न्याय की चिंता हो रही है।
कोलकाता में कथित सामूहिक बलात्कार की घटना पर केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कहा, कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है। ममता बनर्जी पूरी तरह विफल हैं और पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हैं। अगर ममता बनर्जी अपने पद पर बनी रहीं, तो पश्चिम बंगाल की महिलाओं के खिलाफ ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।