प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लखनऊ में राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का उद्घाटन करते हुए कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष हमला किया। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकारों में अधिकांश सम्मान और मान्यता केवल नेहरू‑गांधी परिवार तक सीमित रही, जबकि कई राष्ट्रीय नायकों और उनके योगदान को अनदेखा किया गया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि आजादी के बाद देश में यह प्रवृत्ति विकसित हुई कि भारत में होने वाले सभी अच्छे काम को केवल एक ही परिवार से जोड़कर देखा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किताबें, सरकारी योजनाएँ, संस्थान, सड़कें और सार्वजनिक स्थान—सब कुछ केवल उस परिवार के गौरव के लिए था।
“स्वतंत्रता के बाद से यह रिवाज बन गया कि भारत में होने वाले हर महत्वपूर्ण काम को उसी परिवार से जोड़ दिया जाता था। किताबें हों, सरकारी योजनाएँ, संस्थान, सड़कें या चौक—सब कुछ केवल एक ही परिवार की महिमा बढ़ाने के लिए किया गया,” उन्होंने कहा।
BJP सरकार ने तोड़ी एक परिवार की प्रणाली
पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार ने इस पुराने और असंतुलित प्रणाली को समाप्त किया। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार हर नागरिक, हर योगदानकर्ता और हर नायक को सम्मान देने में विश्वास करती है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार, जो माँ भारत की सेवा में लगी है, हर नागरिक, हर बच्चे और हर योगदान को सम्मान दे रही है। यह हमारी प्राथमिकता है कि किसी भी नायक को नजरअंदाज न किया जाए।”
नेताजी सुभाष चंद्र बोस को मिला उचित सम्मान
पीएम मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आखिरकार उनका उचित सम्मान मिला। उन्होंने बताया कि दिल्ली के कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा स्थापित की गई है, जो उनके साहस और देशभक्ति की याद दिलाती है।
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की विरासत को सुरक्षित किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्व में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की विरासत को अनदेखा करने और कमजोर करने के प्रयास किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस परिवार और कुछ अन्य पार्टियों ने अंबेडकर की विरासत को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे नष्ट नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, “आज दिल्ली से लेकर लंदन तक, बाबा साहेब अंबेडकर का पंच तीर्थ उनके योगदान और विरासत का सम्मान कर रहा है। भाजपा सरकार ने सुनिश्चित किया कि उनका नाम और योगदान हमेशा जीवित रहे।”
UPA सरकार के दौरान BJP के नेताओं का अपमान
पीएम मोदी ने आगे दावा किया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में भाजपा के नेताओं और राष्ट्रवादी नायकों का अपमान किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लगातार भाजपा और अन्य राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े नेताओं की विरासत को कमजोर करने और नजरअंदाज करने की कोशिश की।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार ने इस गलत रवैये को समाप्त किया और देशभर में राष्ट्रीय नायकों को उनके वास्तविक योगदान के अनुसार सम्मान दिलाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब कोई भी नायक या योगदानकर्ता नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रीय गौरव और समान सम्मान की नीति
पीएम मोदी के अनुसार, भाजपा सरकार की यह नीति केवल सम्मान देने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक और नायक को बराबरी का दर्जा देना और उनकी उपलब्धियों को देश के सामने लाना है। यह कदम पुराने समय के केंद्रीकृत और असंतुलित सम्मान प्रणाली से हटकर एक समान और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बदलाव न केवल प्रतीकात्मक है, बल्कि इससे देश के युवाओं और नागरिकों में राष्ट्रीय नायकों और उनके योगदान के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना बढ़ेगी। उन्होंने यह भी जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस के समय कई ऐसे योगदान और नायक अनदेखा रह गए थे, जिन्हें अब उचित सम्मान दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन भाजपा की राष्ट्रीय नायकों और उनके योगदान को मान्यता देने की नीति को स्पष्ट करता है। उन्होंने यह संदेश दिया कि अब किसी भी नायक या योगदानकर्ता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और देश की सेवा करने वाले हर व्यक्ति को उनका वास्तविक सम्मान मिलेगा।
इस तरह, मोदी ने कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए यह दिखाया कि भाजपा सरकार ने पुरानी प्रणाली से हटकर समान सम्मान और राष्ट्रीय गौरव को प्राथमिकता दी है।