लखनऊ: उत्तर प्रदेश में काम करने वाले हर व्यक्ति को रोजगार और नौकरी की गारंटी मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रोजगार महाकुंभ में यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एक नया कॉरपोरेशन बनाएगी, जो यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी कामगार को न्यूनतम वेतन से कम न मिले और वेतन कटौती जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
सीएम योगी ने कहा, “अगर हर हाथ को उसकी योग्यता और हुनर के अनुसार काम मिल जाए, तो यह प्रदेश के लिए सबसे अच्छा होगा। उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि यहां दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है। पहले जो युवा पलायन करने को मजबूर थे, आज वही रोजगार सृजक बन रहे हैं।”
यूपी का युवा अब रोजगार सृजक
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की तरक्की में युवाओं की ऊर्जा ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में परंपरागत उद्योग बंद होने की कगार पर थे। लेकिन उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई “एक जिला, एक उत्पाद” (ODOP) योजना ने उद्योगों को नई पहचान दी।
सीएम ने बताया कि इस योजना के जरिये अब तक 90 लाख एमएसएमई यूनिट स्थापित हो चुकी हैं, जिन्होंने करोड़ों लोगों को रोजगार दिया है। आज प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट संचालित हैं और हर यूनिट 1 से 10 लोगों को रोजगार दे रही है।
कोरोना काल से मिली सीख
कोरोना काल में जब लगभग 40 लाख कामगार यूपी लौटे, तो सरकार ने उन्हें उनके ही जिले में रोजगार दिलाया। इस मॉडल ने यह साबित कर दिया कि स्थानीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर काम के अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
युवा उद्यमी योजना से आत्मनिर्भरता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 25 जनवरी 2025 को युवा उद्यमी योजना शुरू की गई। इसके तहत 21 से 40 साल तक के युवाओं को ब्याज मुक्त गारंटी ऋण दिया जा रहा है। सरकार इसमें 10% मार्जिन भी देती है। अब तक 70 हजार से अधिक युवा इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।
सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता
सीएम योगी ने कहा कि बीते आठ वर्षों में साढ़े आठ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है। इनमें लगभग दो लाख पुलिस भर्ती और 1.56 लाख शिक्षक भर्ती शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि आज भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है, जिससे योग्य युवाओं को ही अवसर मिल रहा है।
टेक्नोलॉजी और स्किल पर जोर
यूपी स्किल मिशन को लागू करने वाला पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ड्रोन की लैब्स स्थापित की गई हैं। साथ ही युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर दिलाने के लिए भाषा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
श्रमिकों के लिए बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्सिंग से श्रमिकों का शोषण नहीं होना चाहिए। इसी सोच के साथ उनकी सरकार ने श्रमिक बच्चों के लिए 18 अटल आवासीय विद्यालय खोले हैं और जल्द ही 57 अभ्युदय स्कूल भी स्थापित किए जाएंगे।
रोजगार मिशन से नई उम्मीद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रोजगार मिशन का लोगो, श्रम न्यायालय सेतु पोर्टल, औद्योगिक न्यायाधिकरण की वेबसाइट और अटल आवासीय विद्यालयों की मॉनिटरिंग पोर्टल लांच किया।
बेरोजगारी दर 3% से नीचे
श्रम एवं कौशल विकास मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि आज यूपी की बेरोजगारी दर 3% से नीचे आ चुकी है। उन्होंने बताया कि 2017 में महिला श्रम भागीदारी 14% थी, जो अब 36% से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ में ही 10 हजार युवाओं को नौकरी दी जाएगी। अगले चरण में सरकार का लक्ष्य है कि 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिया जाए।
सीएम का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सरकार की नीतियां और योजनाएं युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हैं। अब किसी भी युवा को नौकरी या अवसर के लिए प्रदेश छोड़ने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि “हर हाथ को काम और हर परिवार को सम्मान” प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।