एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) इतिहास रचने की तैयारी में है. कंपनी ने अमेरिकी रेगुलेटर्स के पास आईपीओ के लिए गोपनीय दस्तावेज (Confidential Filing) जमा कर दिए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, स्पेसएक्स 75 अरब डॉलर (लगभग ₹6.25 लाख करोड़) जुटाने की योजना बना रही है. यदि ऐसा होता है, तो यह सऊदी अरामको के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा.
वैल्यूएशन और टाइमलाइन
स्पेसएक्स की संभावित वैल्यूएशन 1.75 ट्रिलियन डॉलर से अधिक आंकी गई है. वर्तमान में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा समीक्षा (Review Phase) की जा रही है, जिसमें 45 से 75 दिन लग सकते हैं. अनुमान है कि जून 2026 तक स्पेसएक्स शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है और आम निवेशक इसमें निवेश कर पाएंगे.
‘मस्कानोमी’ का विजन
इस आईपीओ के जरिए एलन मस्क अपनी सभी कंपनियों टेस्ला, xAI (ग्रोक चैटबॉट), स्टारलिंक और न्यूरालिंक को एक एकीकृत ‘टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम’ में बदलने की कोशिश कर रहे हैं जिसे विशेषज्ञ ‘मस्कानोमी’ कह रहे हैं.
फंडिंग का उपयोग: आईपीओ से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल स्टारशिप (Starship) रॉकेट के विकास के लिए किया जाएगा, जो चांद और मंगल मिशन के लिए बेहद जरूरी है.
AI की रेस: मस्क की एआई कंपनी xAI अब स्पेसएक्स का हिस्सा है. एआई मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए भारी फंड की जरूरत है (अनुमानित 1 अरब डॉलर प्रति माह), जिसे इस आईपीओ के जरिए पूरा किया जाएगा.
स्पेसएक्स ‘डुअल-क्लास शेयर स्ट्रक्चर’ अपना सकती है, जिससे कंपनी सार्वजनिक होने के बाद भी एलन मस्क का इस पर कड़ा नियंत्रण बना रहेगा. अब तक स्पेसएक्स निजी निवेशकों से फंड जुटाती थी.