बिहार में सर्किल ऑफिसर यानी सीओ और राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने इस हड़ताल को लेकर बड़ा बयान दिया है और हड़ताली कर्मचारियों को साफ चेतावनी दी है कि अगर वे काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
‘यह संयोग नहीं, साजिश है’
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने इस हड़ताल को महज एक कर्मचारी आंदोलन मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि यह संयोग नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश है। उनके इस बयान ने हड़ताल को एक नया सियासी रंग दे दिया है। सरकार का मानना है कि यह हड़ताल ऐसे समय में की जा रही है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं, जिससे जनता को अधिकतम परेशानी हो सके।
निलंबन की तलवार लटकी
विजय सिन्हा ने हड़ताली कर्मचारियों को स्पष्ट कर दिया कि अगर वे जल्द काम पर नहीं लौटे तो उनका निलंबन शुरू कर दिया जाएगा। यह चेतावनी सरकार की उस नीति को दर्शाती है जो आवश्यक सरकारी सेवाओं को बाधित करने वालों के प्रति किसी भी तरह की नरमी न बरतने की है।
बीडीओ को मिलेगा प्रभार, नई बहाली भी होगी
डिप्टी सीएम ने यह भी साफ किया कि अगर सीओ हड़ताल से नहीं लौटे तो उनके स्थान पर बीडीओ यानी खंड विकास अधिकारी को प्रभार सौंप दिया जाएगा ताकि जनता का काम बाधित न हो। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो नई बहाली भी की जाएगी। यानी सरकार किसी भी हाल में प्रशासनिक कामकाज को रुकने नहीं देगी।
नीतीश की यात्रा से पहले बढ़ी सरकार की चिंता
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल से बिहार यात्रा पर निकल रहे हैं। ऐसे में सीओ और राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह ठप कर सकती है जिससे यात्रा के दौरान जनता की समस्याओं का निपटारा मुश्किल हो जाएगा। सरकार इस स्थिति को किसी भी कीमत पर टालना चाहती है और यही वजह है कि डिप्टी सीएम का यह बयान इतना कड़ा है।
हड़ताली कर्मचारियों और सरकार के बीच टकराव बना हुआ है। देखना होगा कि सरकार की इस चेतावनी के बाद कर्मचारी काम पर लौटते हैं या टकराव और गहरा होता है।