दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में घने कोहरे और बढ़ते वायु प्रदूषण ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार को भी मौसम विभाग ने दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम के लिए कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात की रफ्तार थम गई, जबकि कई रेलगाड़ियां देरी से चल रही हैं। खराब दृश्यता के चलते हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिसको देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
बीते गुरुवार को इस मौसम का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 2.1 डिग्री कम होकर 20.1 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन और रात के तापमान में अंतर कम होने से लोगों को ज्यादा ठिठुरन महसूस हुई। घना कोहरा इतना प्रभावी रहा कि सुबह 11 बजे तक धूप के दर्शन नहीं हो सके। अधिकांश इलाकों में दृश्यता घटकर 100 से 150 मीटर तक सिमट गई।
कोहरे के साथ-साथ प्रदूषण ने भी हालात और गंभीर बना दिए हैं। कोहरे और प्रदूषक तत्वों के मिश्रण से राजधानी की हवा ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई। बीते 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 373 दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 334 था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, आनंद विहार में सबसे अधिक AQI 441 रिकॉर्ड किया गया। प्रदूषण में वाहनों से निकलने वाले धुएं की हिस्सेदारी सबसे अधिक 18.3 प्रतिशत रही।
सर्द हवाओं के चलने से ठंड का असर और बढ़ गया है। रात का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट के कारण ठिठुरन ज्यादा महसूस की जा रही है। रिज क्षेत्र में अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री और पालम में 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार ने सख्ती तेज कर दी है। बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) के चलने वाले वाहनों के खिलाफ गुरुवार को रिकॉर्ड 3,746 चालान काटे गए। सख्त कार्रवाई के चलते सड़कों पर वाहनों की संख्या में भी कमी देखी गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रिमंडल के साथ प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के तहत ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण पूरी सख्ती से लागू किया जा रहा है।
सख्ती के बीच राहत की बात यह रही कि गुरुवार शाम तक 61 हजार से अधिक नए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र जारी किए गए। हालांकि, मौसम और प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की है।