दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। राजधानी में सोमवार सुबह वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में पहुंच गया, जहां गाजीपुर इलाके में AQI 441 दर्ज किया गया। दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो रही है और लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। फरीदाबाद में स्थिति थोड़ी बेहतर है, लेकिन यहां भी कई क्षेत्रों में AQI गंभीर और खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है। बल्लभगढ़ में पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं है, जबकि एनआईटी क्षेत्र में 266, सेक्टर 11 में 245 और सेक्टर 30 में 205 AQI रिकॉर्ड हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि PM2.5 और PM10 मुख्य प्रदूषक हैं, और इस गंभीर स्तर के वायु प्रदूषण के कारण खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से श्वसन संबंधी समस्याओं वाले लोगों को स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर में वजीरपुर (459), विवेक विहार (457), रोहिणी (453), जहांगीरपुरी (448), बवाना (443), आनंद विहार (438), अशोक विहार (433), नरेला (424), मुंडका (422), सोनिया विहार (422) और पंजाबी बाग (421) जैसे क्षेत्रों में हवा गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली की हवा में वाहन से होने वाला प्रदूषण 18.45%, पराली जलाने से 2.47%, निर्माण गतिविधियों से 2.72% और आवासीय क्षेत्रों से 4.63% योगदान रहा। मंगलवार तक वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी रह सकती है। विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि घर के बाहर कम समय बिताएं, मास्क पहनें और स्वास्थ्य पर संभावित प्रभावों से सतर्क रहें।