विन न्यूज़ नेटवर्क। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला एथलेटिक्स टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4×400 मीटर रिले में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। किरण पाहल, एमआर पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की चौकड़ी ने 3 मिनट 29.69 सेकंड के समय के साथ रेस पूरी की। इस जीत के साथ भारत ने इन खेलों में अपना छठा स्वर्ण पदक जीता, जबकि एथलेटिक्स में यह भारत का पहला गोल्ड रहा।
शुरुआत में पीछे रहा भारत
नागोया में हुई इस रेस में भारतीय टीम की शुरुआत थोड़ी धीमी रही। पहली धावक किरण पाहल ने जब बैटन एमआर पूवम्मा को सौंपा, तब भारत तीसरे स्थान पर था। इसके बाद पूवम्मा ने तेजी दिखाते हुए टीम को आगे पहुंचाया। तीसरे चरण में प्राची ने भारत की स्थिति को मजबूत बनाए रखा और बैटन विथ्या रामराज तक पहुंचाया।
आखिरी दौर में विथ्या ने संभाला मोर्चा
रेस का सबसे रोमांचक पल आखिरी चरण में देखने को मिला। विथ्या रामराज ने बैटन मिलते ही पूरी ताकत लगा दी। बहरीन की सलवा ईद नस्र ने आखिरी दौर में तेजी से अंतर कम किया और भारतीय टीम पर दबाव बनाया, लेकिन विथ्या ने अपनी रफ्तार बनाए रखी। आखिरी कुछ मीटर में उन्होंने बढ़त कायम रखी और फिनिश लाइन पार करते ही भारत के खाते में गोल्ड पक्का कर दिया।
भारत ने 3:29.69 के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। बहरीन ने 3:30.21 के समय के साथ सिल्वर और चीन ने 3:31.02 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
विथ्या के लिए यादगार रहा एशियन गेम्स
विथ्या रामराज के लिए इस बार का एशियन गेम्स बेहद खास रहा है। रिले में गोल्ड जीतने से एक दिन पहले उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में 54.75 सेकंड का समय निकालकर पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। इस स्पर्धा में विथ्या ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इससे पहले वह मिश्रित 4×400 मीटर रिले में सिल्वर भी जीत चुकी थीं। इस तरह रिले का गोल्ड उनके लिए इन खेलों का तीसरा पदक रहा।
पिछले गेम्स के सिल्वर के बाद इस बार गोल्ड
महिला 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीम के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में टीम को सिल्वर मेडल मिला था। इस बार भारतीय चौकड़ी ने फाइनल में दबाव के बीच शानदार तालमेल दिखाया और पोडियम पर सबसे ऊपर जगह बनाई।