बड़कोट। यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव स्यानाचट्टी में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। कुपड़ा गाड़ (गढ़ गाड़) से आ रहे मलबे और भारी पत्थरों ने यमुना नदी के प्रवाह को बाधित करना शुरू कर दिया है। इससे नदी में झील बनने का खतरा और अधिक गहरा गया है। स्थानीय लोगों में भय और दहशत का माहौल है।
सामान्य दिनों में जहां यमुना नदी का जलस्तर पुल से 10 फीट नीचे रहता है, वहीं इन दिनों यह सिर्फ दो फीट नीचे बह रही है। यमुना के उफान से पूरे इलाके में हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
खतरे की घंटी: पुल से दो फीट नीचे बह रही यमुना
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, हर साल बारिश का सीजन जोखिम लेकर आता है, लेकिन इस बार हालात बेहद खतरनाक हैं। नदी का स्तर इतना ऊपर आ चुका है कि पुल से मात्र दो फीट नीचे से बह रही है। यह स्थिति बताती है कि थोड़ी और बारिश ने नदी को और भी विकराल रूप देने में देर नहीं लगेगी।
सिंचाई विभाग ने संभाली कमान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग ने नदी से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। मशीनों की मदद से नदी के प्रवाह को साफ करने की कोशिश की जा रही है ताकि झील बनने का खतरा कम हो सके।
इसके साथ ही केंद्रीय जल आयोग की टीम भी इलाके में तैनात है और जलस्तर की हर मिनट निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
गुरुवार की शाम का हाहाकार
बीते गुरुवार शाम साढ़े चार बजे हालात अचानक बिगड़ गए। यमुना का प्रवाह अवरुद्ध होने से बनी झील ने स्यानाचट्टी के 19 होटल, दो आवासीय भवन, जीएमवीएन गेस्ट हाउस और पुलिस चौकी को अपनी चपेट में ले लिया।
पानी का स्तर इतना तेजी से बढ़ा कि प्रशासन को आनन-फानन में 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा। यह राहत की बात रही कि समय रहते सभी को बाहर निकाल लिया गया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
प्रशासन अलर्ट पर, लोग सहमे
स्थानीय प्रशासन ने पूरी स्थिति पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। राहत और बचाव दल हर समय तैयार हैं। फिर भी, लोग अपने घरों और होटलों को लेकर डरे हुए हैं। यमुनोत्री धाम के रास्ते पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
धार्मिक नगरी में चिंता का माहौल
यमुनोत्री धाम हर साल लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र होता है। इस समय यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्री भी हालात देखकर डरे हुए हैं। जिन लोगों को शिफ्ट किया गया, उनमें कई तीर्थयात्री भी शामिल थे।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की आशंका जताई है। इसका मतलब है कि खतरा अभी टला नहीं है। अगर भारी बारिश हुई तो नदी और अधिक उफान पर आ सकती है।
यमुनोत्री धाम का स्यानाचट्टी इलाका अभी भी आपदा के साए में है। प्रशासन और विभाग सतर्क हैं, लेकिन हालात किसी भी समय बिगड़ सकते हैं। स्थानीय लोग और यात्री दहशत में हैं और सरकार से स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।