बिहार में अपराध और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज़ हो रही है। राज्य सरकार ने पहले 400 माफियाओं की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की थी। अब इस सूची को और बढ़ाकर 1200 माफियाओं की नई सूची तैयार की गई है। यह नई सूची उन अपराधियों को भी शामिल करती है, जो विभिन्न प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं।
पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम और राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इस नई पहल का ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में तीन प्रकार के माफियाओं को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। इनमें जमीन, शराब और बालू माफिया शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी स्थिति में इन माफियाओं को छूट नहीं देगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भूमि माफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। यह माफिया अवैध कब्जों और जमीनों पर डाका डालने जैसी गतिविधियों में शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आम लोगों की जमीन सुरक्षित रहे और किसी को भी अवैध रूप से संपत्ति पर अधिकार हासिल न हो।
शराब माफिया के खिलाफ भी अभियान तेज किया गया है। बिहार में शराबबंदी लागू है और इसके उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। शराब माफिया अवैध शराब की तस्करी, शराब बनाने और बेचने में शामिल होते हैं। सरकार ने कहा है कि यह लोग राज्य में कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बालू माफिया, जो नदियों और खानों से अवैध रूप से बालू निकालते हैं, भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। अवैध बालू खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है बल्कि आम लोगों के अधिकारों का भी हनन होता है। सरकार ने बालू माफियाओं को चिन्हित करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है, जो इनके खिलाफ कार्रवाई करेंगी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। अपराध और माफियाओं के खिलाफ यह अभियान राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जरूरी है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे किसी भी अवैध गतिविधि के बारे में सरकार को सूचित करें, ताकि अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इस तरह राज्य सरकार ने माफियाओं के खिलाफ एक व्यापक रणनीति अपनाई है। 1200 माफियाओं की नई सूची बनाकर यह संदेश दिया गया है कि अपराधियों को अब कोई राहत नहीं मिलेगी। यह पहल बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, आम नागरिकों को सुरक्षा देने और राज्य में भ्रष्टाचार एवं अपराध को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार की यह योजना न केवल कानूनी कार्रवाई बल्कि जनता में जागरूकता फैलाने का भी कार्य करेगी। उम्मीद की जा रही है कि इस अभियान से अपराध की घटनाओं में कमी आएगी और राज्य में सामान्य लोगों के लिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार होगा।