मुंबई : निर्माण श्रमिकों के लिए अच्छी खबर है। अब जल्द ही पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को श्रम विभाग की ओर से पेंशन दी जाएगी। जिस भी श्रमिक ने महाराष्ट्र भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है, उन्हें पेंशन योजना के तहत लाभ मिलेगा। महाराष्ट्र के श्रम विभाग ने सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। इसके दिशानिर्देशों (SOP) को मंजूरी मिलते ही योजना को शुरू कर दिया जाएगा।
एक अधिकारी के मुताबिक, मार्च में इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया था। इस योजना के तहत 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के निर्माण श्रमिकों को सालाना 12,000 रुपये मिलेंगे। पेंशन योजना पूरी तरह से बोर्ड के माध्यम से लागू की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। फंड का इंतजाम बोर्ड के संसाधनों से किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस योजना से 50 लाख से ज्यादा निर्माण श्रमिकों को फायदा होगा। महाराष्ट्र में अभी 37 लाख रजिस्टर्ड वर्कर हैं जबकि 16 लाख श्रमिकों को अभी तक अपना रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराना है।
इस पेंशन योजना के नियमों के मुताबिक अगर पति और पत्नी दोनों ही रजिस्टर्ड श्रमिक हैं तो दोनों को अलग-अलग पेंशन मिलेगी। यही नहीं अगर निर्माण श्रमिक की मृत्यु हो जाती है तो पति या पत्नी को पेंशन जारी रखने का भी प्रावधान है। हालांकि अगर कोई पति या पत्नी पहले से किसी पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं तो इस योजना का फायदा उन्हें नहीं मिलेगा। हालांकि, केंद्रीय सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 और कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत लाभ प्राप्त करने वाले श्रमिक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।